बुधवार, 04 जून, 2008 को 08:16 GMT तक के समाचार
दुर्गेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
'मुन्नाभाई' के नाम से मशहूर हो गए अभिनेता संजय दत्त ने हाल ही में एक अख़बार को दिए साक्षात्कार में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है.
संजय के पिता सुनीत दत्त कांग्रेस की टिकट पर कई बार लोकसभा पहुँचे और जब सुनील दत्त नहीं रहे तो संजय की बहन प्रिया दत्त उस सीट से लड़ीं और जीतीं.
इस साक्षात्कार में संजय ने राजनीति, परिवार और अपनी शादी तक के बारे मे खुलकर बातें की हैं.
इससे पहले भी ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि संजय राजनीति में आ सकते हैं लेकिन ख़ुद संजय ने पहली बार इसकी पुष्टि की और कहा कि उनकी इच्छा सक्रिय राजनीति में आने की है.
संजय दत्त इन दिनों बहामास में अपनी फ़िल्म 'ब्लू' की शूटिंग कर रहे हैं.
उनका कहना है कि वो अपने पिता सुनील दत्त की समाजसेवा की परंपरा को राजनीति के ज़रिए आगे बढ़ाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा है, "मेरे पिता ने पूरी ज़िंदगी समाजसेवा की है, मैं भी समाजसेवक बनकर ऐसा क्यों नहीं कर सकता."
परिवार के अंदर
उन्होंने कहा है कि अगर चुनाव लड़ने का मौक़ा मिलता है तो वे ज़रूर लड़ेंगे क्योंकि ऐसा करके ही वो लोगों की ज़्यादा मदद कर सकते हैं.
इस सवाल के जवाब में कि अगर कांग्रेस उनकी बहन प्रिया दत्त की जगह उन्हें टिकट देती है तो वो क्या करेंगे, संजय ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि पार्टी उन दोनों को अलग-अलग सीट से टिकट देगी.
उन्होंने कहा, "अगर किसी एक को भी टिकट मिला तो हम दोनों में किसी को कोई परेशानी नहीं होगी. मुझे पूरा भरोसा है कि अगर मुझे चुनाव लड़ने का मौक़ा मिलता है तो मेरी बहन को बहुत ख़ुशी होगी."
मान्यता से अपनी शादी को लेकर घर में उठे विवाद के बारे में संजय ने कहा है कि अगर ऐसी बात होती तो जब प्रिया या नम्रता ने शादी की थी, तब भी ऐसी बात उठ सकती थी.
मेरा मानना है कि हर आदमी को अपनी मर्ज़ी से जीने का अधिकार है और मैं 'जियो और जीने दो' में विश्वास रखता हूं.
उनका कहना है, "हर परिवार में अच्छे और बुरे दिन आते हैं लेकिन कुछ बाहरी ताक़तें हैं जो हमारे परिवार में कलह फैलाने की कोशिश कर रही हैं. लेकिन मैं कह सकता हूं कि हम हमेशा एक-दूसरे के लिए तैयार हैं."
विरोध के स्वर
बीच में कुछ ऐसी ख़बरें भी आईं थीं कि बांद्रा और खार के निवासियों ने उनके चुनाव लड़ने का विरोध किया है.
इस पर संजय ने कहा है, "ये सरासर ग़लत है. कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस तरह की बातें फैलाई जा रही हैं. ये पहली बार है कि मैने वो करने की इच्छा जताई है जिसे मेरे पिता ने इस क्षेत्र के लोगों के लिए किया है और अगर मुझे चुनाव लड़ने का मौक़ा मिलता है तो मैं अपने क्षेत्र के लोगों के विकास की भरसक कोशिश करुंगा."
ये पूछे जाने पर कि उन्हें 6 साल की सज़ा सुनाई गई है और कहीं यह सज़ा उनके चुनाव लड़ने में बाधा तो नहीं बनेगी, संजय ने कहा कि मुझे क़ानूनी बातों के बारे में ख़ास जानकारी नहीं है लेकिन मैं वो ज़रूर करना चाहूँगा जो मेरे पिता ने लोगों की सेवा के लिए किया.
बीच में ऐसी भी ख़बरें आ रही थीं कि समाजवादी पार्टी ने भी उन्हें टिकट देने की इच्छा जताई है.
इस पर संजय का कहना है, "नहीं ये बात सही नहीं है. अमर सिंह मेरे पारिवारिक मित्र हैं लेकिन अगर मैं चुनाव लड़ूँगा तो केवल कांग्रेस से."
संजय बहामास में अपनी शूटिंग ख़त्म करके अपनी बेटी त्रिशाला से मिलने न्यूयॉर्क भी जाएँगे.
उन्होंने बताया है कि त्रिशाला बहामास आकर उन्हें न्यूयॉर्क ले जाएँगी और वहाँ वो दोनों साथ में कुछ वक़्त बिताएँगे.