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शनिवार, 31 मई, 2008 को 13:21 GMT तक के समाचार

'मंदिर दर्शन पर मैं मीडिया को नहीं बुलाता'

फ़िल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का कहना है कि जब वे निजी स्तर पर किसी मंदिर के दर्शन पर जाते हैं तो उसे सार्वजनिक तौर पर पेश करने से वो मीडिया को नहीं रोक सकते.

उनका कहना है कि वे कभी मीडियाकर्मियों को न्यौता नहीं देते हैं कि वो उनके दौरे की रिपोर्टिंग करें.

अपने ब्लॉग पर अमिताभ ने लिखा है, " एक स्वतंत्र समाज में धार्मिक होना मेरा हक़ है. किसी को हक़ नहीं है कि वो इस पर सवाल उठाए."

अमिताभ बच्चन के ब्लॉग पर कई लोगों ने सवाल पूछे थे मंदिरों के निजी दौरों को इस तरह सार्वजनिक करने की क्या ज़रूरत है और वो भगवान से किस चीज़ की प्रार्थना करते हैं.

इसी सिलसिले में अमिताभ ने अपने विचार व्यक्त किए थे. अमिताभ ने लिखा है कि वे भगवान से यही दुआ करते हैं कि उन्हें शक्ति दे और वे इज़्ज़त के साथ जीवन बिता सकें.

कुछ दिन पहले ही अमिताभ बच्चन, अभिषेक और ऐश्वर्या नंगे पाँव सिद्धिविनायक मंदिर गए थे.

अमिताभ बच्चन ने इन ख़बरों का खंडन किया कि इस तरह के दौरे में उनकी विशेष खातिरदारी होती है.

वे लिखते हैं, " इस तरह के धार्मिक स्थल किसी एक व्यक्ति के नहीं होते. सिर्फ़ 'वो' ही वीआईपी होता है. 'उसकी' उपस्थिति में सब बराबर हैं. मैं इस बात का खंडन करता हूँ कि हमें कोई विशेष सुविधाएँ दी जाती हैं. कभी कभी बेहतर प्रबंधन के लिए ख़ास प्रक्रिया का पालन करना होता है. अगर मैं इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकता हूँ तो मैं उठाउँगा. मेरी मौजूदगी सिर्फ़ भक्त की होती है."

अमिताभ ने कहा है कि उनके ब्लॉग पर कुछ लोगों ने धर्म निरपेक्षता की भावना के ख़िलाफ़ टिप्पणियाँ की हैं जिससे वे आहत हुए हैं.

उन्होंने कहा कि वे किसी का नाम नहीं लेंगे लेकिन बताना चाहते हैं कि ऐसे लोगों का आकलन ग़लत है और उनके लिए यहाँ कोई जगह नहीं है.