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रविवार, 18 मई, 2008 को 21:57 GMT तक के समाचार

मिर्ज़ा एबी बेग
बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

'कहानी कहने का फ़न आना चाहिए'

ब्रिटेन के सबसे ज़्यादा बिकने वाले उपन्यासकार जेफ़री आर्चर इन दिनों भारत के दौरे पर हैं. वो औपचारिक तौर पर पहली बार भारत आए हैं.

सर जेफ़री आर्चर सबसे ज़्यादा पढ़े जाने वाले कहानीकार ऐसे ही नहीं हैं. वो जितना कहानी लिखना पसंद करते हैं उतना ही उन्हें कहानी सुनाना भी पसंद है.

वो अपनी ताज़ा किताब ‘ए प्रिज़नर ऑफ़ बर्थ’ के प्रोमोशन के लिए यहाँ आए हैं.

ये क़िताब बेस्ट सेलर की सूची में शामिल है. यह किताब जेफ़री आर्चर के जेल के अनुभवों पर आधारित है.

जेफ़री आर्चर का मानना है कि उपन्यास लिखने के लिए उन्हें प्रेरणा ईश्वर की तरफ से मिलती है.

वो अपनी इस किताब को बेहतरीन बताते हैं लेकिन उनका भावनात्मक लगाव उनकी पहली किताब ‘नॉट ए पेनी मोर, नॉट ए पेनी लेस’ के साथ है.

उनका कहना है कि ये किताब उन्होंने उस वक़्त लिखी जब वो एक प्रकार से दीवालिया हो गए थे.

इस किताब के प्रकाशन और फिर उनकी सबसे लोकप्रिय किताब ‘केन ऐंड एबल’ के प्रकाशन ने उन्हें मानो अमीर लोगों की क़तार में खड़ा कर दिया.

भारत के बारे में

जेफ़री आर्चर का कहना है कि एक बार वो फ़िल्म देख रहे थे जिसके हीरो का जहाज़ गिर पड़ता है तो वह सोचते हैं कि अब क्या होगा.

लेकिन जैसे ही एक पगड़ी वाले आदमी को दिखाया जाता है वो निश्चिंत हो जाते हैं कि वह सही जगह गिरा है और बच जाएगा.

उन्होंने कहा कि भारत के लोग अगर उन्हें पढ़ते हैं तो फिर उन्हें कहीं और जाने की ज़रूरत नहीं.

भारत के लोगों के बारे में उन्होंने कहा, “अगर आपने कहीं लिखने में ज़रा भी चूक की तो आप को 20 ईमेल आएंगे जिसमें से 18 भारतीयों के होंगे.”

उन्होंने कहा कि भारत उनके लिए अहम है और उसकी महत्ता को किसी प्रकार नकारा नहीं जा सकता है.

लेकिन उन्होंने बताया कि वो अपने आने वाले उपन्यास में किसी भारतीय पात्र को शामिल करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं.

क्रिकेट में दिलचस्पी

जेफ़री आर्चर ने कहा कि भारत का बेहतरीन प्रतिनिधित्व भारत के क्रिकेट खिलाड़ी करते हैं.

जेफ़री आर्चर ने बताया कि उनका पसंदीदा खेल क्रिकेट है और जब वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ दिन भर ऑस्ट्रेलिया के छक्के छुड़ाते रहे तो वो भी सारे भारतीयों के साथ उस खेल का इंग्लैंड में आनंद ले रहे थे.

उन्होंने कहा कि पिछली बार उनके पास फ़ोन आया कि दो आदमी मिलना चाहते हैं वह आपके साथ डिनर करना चाहते हैं क्या आपके पास समय हैं ?

उन्होंने कहा कि वो बहुत व्यस्त हैं लेकिन जब उन्हें बताया गया कि वो कौन लोग हैं तो उन्होंने कहा, “अरे भाई समय है, पूरा समय है.”

क्या आप जानते हैं कौन थे वो दो लोग.

ये दोनों थे दुनिया के महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़.

जेफ़री आर्चर ने कहा कि उन्हें ये जानकर बहुत अच्छा लगा कि राहुल और सचिन ने उनकी किताबें न केवल पढ़ी हैं बल्कि उनके प्रशंसक भी हैं.

जेफ़री ने बताया कि सुनील गावस्कर उनके अच्छे दोस्त हैं. “आज रात मैं डिनर कपिल देव के साथ ले रहा हूँ.”

उनके पसंदीदा क्रिकेट खिलाड़ियों में नवाब मंसूर अली ख़ाँ पटौदी भी आते हैं.

ट्वंटी-20 क्रिकेट उनका पसंदीदा खेल नहीं है. वह टेस्ट मैच को महत्वपूर्ण बताते हैं और लार्डस के मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच मैच देखना बेहद पसंद करते हैं.

दिनचर्या

जेफ़री आर्चर को कम्प्यूटर चलाना नहीं आता है. वो टाइप करना भी नहीं जानते. वह एक-एक शब्द को लिखते हैं.

हर ड्राफ़्ट को लिखते हैं, कई-कई बार तो 18 ड्राफ़्ट लिखने पड़ते हैं.

उन्होंने कहा वह सुबह साढ़े पांच बजे उठते हैं. 6 बजे से लिखने बैठ जाते हैं और 8 बजे तक लिखते हैं फिर दो घंटे का ब्रेक लेते हैं. 10 बजे से 12 बजे तक फिर लिखते हैं और फिर दो घंटे का ब्रेक लेते है.

दो बजे से चार बजे तक लिखते हैं और फिर दो घंटे का ब्रेक लेते है. फिर छह से आठ बजे तक लिखते हैं और फिर खाना खा कर 10 बजे तक सोने चले जाते हैं.

उनका कहना है, "एक उपन्यास हज़ारों घंटों की मेहनत के बाद साल भर में पूरा होता है."

उन्होंने बताया कि लिखने का हौसला लोगों की प्रशंसा से मिलता है.

14 किताबें लिखने के बाद भी हर नई किताब के प्रकाशन पर उन्हें एक प्रकार की घबराहट रहती है.

जेफ़री आर्चर की गिनती सबसे कम उम्र के सांसद में होती है लेकिन अब राजनीति में उनकी दिलचस्पी नहीं है.

उनका सारा समय कहानी बुनने, लिखने और कहने में गुज़रता है.

उपन्यास के बारे में

जेफ़री आर्चर कहते हैं कि कहानी में कहीं न कहीं आप की झलक होती है. महत्वपूर्ण बात ये है कि आप कितनी अच्छी तरह कहानी कहना जानते हैं.

जेफरी, उपन्यासकार जेन आस्टिन की खूब तारीफ़ करते हैं.

उन्होंने कहा जेन ऑस्टिन ने पांच उपन्यास लिखे. पहली में चार औरतें अपना वर तलाश करने में नाकाम रहती हैं. दूसरा उपन्यास तीन महिलाओं की कहानी है जो शादी करने में नाकाम हो जाती हैं. तीसरे में दो महिलाएं शादी करने में नाकाम रहती हैं.

जेफ़री आर्चर ने कहा कि ऑस्टिन का चौथा उपन्यास एक महिला की कहानी है जो शादी नहीं कर पाती है.

"ये सारे उपन्यास क्लासिक हैं, न वे थ्रिलर हैं न उनमें सस्पेंस है न सेक्स है, एक सीधे-साधे गांव और घर की कहानी है फिर भी लोकप्रिय है."

“आपको कहानी कहने का फ़न आना चाहिए.”

उन्होंने बताया, “इसकी कोई ट्रेनिंग नहीं होती और ये ईश्वरीय देन है. हज़ारों ऐसे लोग हैं जिनको लिखना पढ़ना नहीं आता लेकिन कहानी कहने का हुनर आता है.”

उन्हें भारत के उपन्यास में विक्रम सेठ के उपन्यास “ए सूटेबुल बॉय” ने काफ़ी प्रभावित किया.

जेफ़री अपने पाठकों को सलाह देते हैं कि वो हेक्टर ह्यू मुनरो ‘साकी’ और ‘फ़िट्ज़ जेराल्ड’ के लिखे उपन्यास को ज़रूर पढ़ें.