मंगलवार, 08 अप्रैल, 2008 को 19:35 GMT तक के समाचार
जानी मानी संगीतकार शरन रानी का मंगलवार को निधन हो गया.
सरोद जैसे मर्दाने साज़ को बजाने वाली वो पहली महिला थीं जिसके कारण उनके प्रशंसक उन्हें ‘सरोद रानी’ के नाम से पुकारते थे.
उनका देहांत उनके अस्सीवें जन्मदिन से एक दिन पहले हो गया.
शरन रानी का जन्म 9 अप्रैल, 1929 को दिल्ली के एक जाने माने कायस्थ परिवार में हुआ था.
उस समय लड़कियां के संगीत के क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की मनाही थी.
लेकिन प्रतिकूल वातावरण के बावजूद उन्होंने सरोद में पारंगत हासिल की थी.
उन्होंने उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ और उस्ताद अली अकबर ख़ाँ से संगीत की शिक्षा ग्रहण की थी.
वो पहली महिला थीं जिन्हें सरोद के कारण विभिन्न सम्मान मिले.
संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण और राष्ट्रीय कलाकार की उपाधि से सम्मानित किया था.
तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें 'भारत का सांस्कृतिक दूत' कहा था.
उन्होंने पंद्रहवीं शताब्दी के बाद बने हुए वाद्य यंत्रों का न केवल संग्रह किया बल्कि राष्ट्रीय संग्रहालय को दान में दे दिया.
वो पिछले कुछ समय से बीमार थीं लेकिन अंत तक उनकी संगीत साधना थमी नहीं.