मंगलवार, 08 अप्रैल, 2008 को 15:43 GMT तक के समाचार
दुर्गेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने सेशन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करके कहा है कि मान्यता कानूनन उनकी पत्नी नहीं हैं इसलिए उनके ऊपर बाइगैमी या द्विविवाह का मुक़दमा नहीं बनता है.
संजय ने अपनी याचिका में कहा है कि मान्यता और उनकी शादी में उन शर्तों का पालन नहीं किया गया जो कि एक वैध शादी के लिए जरुरी हैं.
उनका कहना है कि मान्यता मुस्लिम थी इसलिए उनकी मुझसे, एक हिंदू से शादी वैध नहीं है, इसके अलावा उनकी शादी का कोई ऐसा सबूत नहीं है जिससे उनकी शादी कानून की नज़र में वैध साबित हो सके.
इसके अलावा ये भी कहा गया है कि उनकी और मान्यता की गोवा में की गई शादी पहले ही अवैध क़रार दी गई है.
आरोप ख़ारिज
नया हलफ़नामा दायर करने के पीछे बड़ी वजह ये भी है कि मेराज ने संजय दत्त पर बाइगैमी का आरोप लगाया था जो कि इस हलफ़नामे के बाद अपने आप ख़ारिज हो जाता है.
इससे पहले संजय और मान्यता ने सोमवार को मजिस्ट्रेट के उस फैसले को चुनौती दी थी जो कि मेराज शेख की कोर्ट से की गई उस शिकायत के संदर्भ में दिया गया था जिसमें मेराज ने कोर्ट को बताया था कि वो अभी भी मान्यता का पति था और उसका मान्यता के साथ कानूनी तौर पर तलाक़ नहीं हुआ है.
मेराज ने याचिका में कहा था कि उसने 15 अप्रैल 2003 को मान्यता से शादी की थी और मान्यता से उसका एक ढाई साल का बेटा भी है. उन्होंने माना है कि कि दोनों अलग-अलग रह रहे थे लेकिन उनके बीच तलाक़ नहीं हुआ है.
दत्त और मान्यता ने अपनी अर्जी में कहा है कि मेराज ने क्रिमिनल लॉ की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई है. उनके वकील शिवड़े ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ को समझने में बड़ी भूल की और इस केस में अपने ज्ञान का इस्तेमाल नहीं किया.