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सोमवार, 24 मार्च, 2008 को 10:16 GMT तक के समाचार

रोलिंग को आते थे आत्महत्या के ख़याल

हैरी पॉटर की लेखिका जेके रोलिंग ने स्वीकार किया है कि उनकी पहली शादी टूटने के बाद जब वे अवसाद से जूझ रही थीं तब उनके दिमाग़ में आत्महत्या के ख़याल आते थे.

उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के प्रति उनके प्यार की वजह से ही उन्हें अपनी उम्र के दूसरे दशक में अवसाद से बाहर निकलने के लिए मदद लेनी पड़ी.

उन्होंने एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के छात्रों की पत्रिका से कहा, "हम यहाँ आत्महत्या के ख़यालों की बात कर रहे हैं लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं बहुत दयनीय हालात में थी."

42 वर्षीय रोलिंग ने कहा कि उस वक़्त मिली सलाह उनके लिए बहुमूल्य थी.

पत्रिका के अदील आमिनी से साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "मैं निश्चित तौर पर बहुत छोटी उम्र से अवसाद की ओर बढ़ रही थी."

सलाह ने बचाया

उन्होंने कहा, "तब उम्र के दूसरे दशक के मध्य में मेरी परिस्थितियाँ बहुत ख़राब थीं और मैं एक तरह से गर्त में थी."

उनके अनुसार, "वह बात जिसने मुझे सच्चाई का सामना करने पर मजबूर किया कि मैं स्वस्थ नहीं हूँ, शायद मेरी बेटी थी."

उन्होंने कहा, "अपने डॉक्टर के छुट्टी पर जाने पर मैंने दूसरे डॉक्टर की सलाह ली. डॉक्टर ने कहा कि जब कभी तुम तनाव महसूस करो तो यहाँ आकर नर्स से बात करो."

उनके अनुसार, "लेकिन दो सप्ताह के बाद मेरी अपनी डॉक्टर का फ़ोन आया और उन्होंने मेरे पिछले दिनों के बारे में पता किया जब वह नहीं थी. तब मैं उनसे सलाह लेने लगी."

उन्होंने कहा, "उन्होंने मुझे वाकई बचा लिया."

कोई शर्म नहीं

उन्होंने कहा, "इसके बाद मुझे उन्हें जो सलाह मिली उसने उन्हें अवसाद से बाहर आने में बहुत मदद की."

उनके अनुसार, "मज़ेदार बात है कि अवसाद में रहने की वजह से मुझे कभी भी शर्म महसूस नहीं हुई."

उन्होंने कहा, "मैं समझती हूँ कि इस मुद्दे पर मैं बिलकुल बेशर्म हूँ, क्योंकि इसमें शर्म करने की क्या बात है."

उन्होंने अवसाद में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे डॉक्टर के पास जाएँ और मदद लें.

उन्होंने कहा, "मैं वाकई बहुत बुरे समय से गुज़री हूँ और मुझे इस बात का गर्व है कि अब मैं इससे बाहर आ चुकी हूँ."