http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 06 मार्च, 2008 को 12:01 GMT तक के समाचार

विवादित 'ट्रांसजेंडर' शो की शुरुआत

दक्षिण भारत में एक विवादित टीवी शो की शुरुआत हुई है. ये शो तमिल चैनल स्टार विजय पर 'इपाडिक्कू रोज़' के नाम से शुरू हुआ है.

इस शो में न केवल उन सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी जिनपर सार्वजनिक तौर पर बात करने से लोग बचते हैं बल्कि इसकी 'होस्ट' को लेकर भी काफ़ी चर्चा चल रही है.

इस शो की होस्ट हैं रोज़. रोज़ एक 'ट्रांसजेंडर' हैं, जो पहले एक पुरुष रमेश के नाम से जानी जाती थीं.

ट्रांसजेंडर उन लोगों को कहते हैं कि जो शरीर से पुरूष होने के बावजूद ख़ुद को अंदर से महिला मानते हैं या फिर इसका उलटा.

इस तरह का एक शो पाकिस्तान में बेगम नवाज़िश अली के नाम से चलता था जिसे काफ़ी विवादों के बाद वहां बंद कर दिया गया था.

लेकिन, बाद में ये भारत के एक हिंदी मनोरंजन चैनल नाइन एक्स इंटरटेनमेंट पर शुरू हो गया.

'स्टार विजय' चैनल पर प्रसारित होने वाला आधे घंटे का कार्यक्रम भी ऐसे ही लोगों की समस्याओं पर आधारित है.

कौन है रोज़ ?

इस शो की होस्ट रोज़ पहले रमेश नाम का पुरुष हुआ करती थीं.

रोज़ भारत की पहली ट्रांसजेंडर हैं जो किसी शो को होस्ट कर रही हैं.

चैनल के स्टेशन प्रमुख प्रदीप मिलरॉय पीटर के मुताबिक, "हम इस शो में हर विवादित मुद्दे पर चर्चा करेंगे. इस शो में समलैंगिक लोगों के अधिकार, जिस्मफ़रोशी और यौन शोषण के बारे में खुल कर चर्चा की जाएगी."

इस शो का पहला अंक मंगलवार को दिखाया गया.

इस शो में मेहमान के तौर पर पांच लोगों को शामिल किया गया. जिनमें से दो लड़कियां थीं जबकि एक अकादमिक शोधकर्ता को भी इसमें लिया गया.

पीटर ने बताया कि अगले शो में मॉडलिंग की दुनिया में महिलाओं के शोषण के बारे में चर्चा की जाएगी.

शो की होस्ट रोज़ का कहना है, "शो के बारे में पहली प्रतिक्रिया बहुत ही अच्छी आई है."

रोज़ की परेशानी

रोज़ ने अमरीका में बॉयो मेडिकल इंजीनियरिंग में एमएससी की है. इसके बाद चेन्नई वापस लौटने से पहले उन्होंने वहां वेब साइट डिज़ाइनर के तौर पर काम किया.

हालांकि, रोज़ के परिवार के सदस्य अब भी उनकी ट्रांसजेंडर की छवि को कबूल नहीं कर रहे हैं.

रोज़ बताती हैं कि 20 साल की उम्र तक वो लड़कियों के कपड़े नहीं पहनती थीं.

लेकिन अब 28 साल की उम्र में उनके बाल लंबे हैं और वो रोज़ाना लड़कियों के कपड़े पहनती हैं.

रोज़ का कहना है, "मुझे लगता है जैसे में अपने दिल की गहराई से लड़की ही हूँ."

रोज़ का कहना है, "मैंने अपने अंदर एक औरत को पाँच साल की उम्र में ही महसूस कर लिया था. इसके बाद एक लड़के के तौर पर खुद को असहज पाती थीं."

रोज़ कहती हैं कि ये तमाम बातें उन्हें अपने परिवार को बताने में कई साल लग गए. लेकिन जब उन्होंने बताया तो पूरा परिवार सकते में था.

"मेरी मां चीख कर रो पड़ीं और मेरे पिता के चेहरे पर दुख ही दुख दिखाई दे रहा था."

जब रोज़ अमरीका से भारत लौटीं तो उनके परिवार को उम्मीद थी कि वो उनके साथ एक मर्द की तरह रहेंगी.

रोज़ के परिवार ने उनकी शादी की भी कोशिशें कीं ताकि किसी तरह कोई हल निकाला जा सके.

रोज़ के मुताबिक शुरू-शुरू में तो उन्हें मारा पीटा भी गया.

लेकिन, अब रोज़ को उम्मीद है कि उनके इस शो से समाज में ट्रांसजेंडर लोगों के प्रति लोगों का नज़रिया बदलेगा और बदलाव भी आएगा.