इस साल के फ़िल्मफेयर पुरस्कारों में 'तारे ज़मीं पर' की धूम रही. इस फ़िल्म ने पाँच पुरस्कार जीते. इसे सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार प्रदान किया गया.
हालांकि 'चक दे इंडिया' और 'गुरु' भी पीछे नहीं रहीं और उन्होंने भी कई पुरस्कार हासिल किए.
मुंबई के यशराज स्टूडियो में आयोजित 53 वें फ़िल्मफेयर अवॉर्ड्स समारोह में 'चक दे इंडिया' में हॉकी कोच की भूमिका निभानेवाले शाहरुख़ ख़ान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला.
दूसरी ओर 'जब वी मेट' में चुलबुली लड़की का रोल निभानेवाली करीना कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया.
'तारे ज़मीं पर' में मुख्य भूमिका निभानेवाले दर्शील सफ़ारी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला.
इस फ़िल्म के लिए आमिर ख़ान को सर्वेश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार भी दिया गया.
सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार 'तारे जमीं पर' के लिए अमोल गुप्ते को मिला.
इसी फ़िल्म के गाने 'मां तुझको पता है न' के लिए प्रसून जोशी ने सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार जीता.
शाहरुख़ सर्वश्रेष्ठ
यशराज फ़िल्म्स की 'चक दे इंडिया' के निर्देशक शमित अमीन को क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला.
बॉलीवुड में योगदान के लिए ऋषि कपूर को 'लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' प्रदान किया गया.
'लाइफ़ इन ए मेट्रो' के लिए इरफ़ान खान ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और कोंकणा सेन शर्मा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला.
'गुरु' में बरसो रे मेघा के लिए श्रेया घोषाल को सर्वश्रेष्ठ गायिका का और शान को सांवरिया फ़िल्म के गाने 'जब से तेरे नैना' के लिए सर्वश्रेष्ठ गायक का पुरस्कार प्रदान किया गया.
सर्वश्रेष्ठ संगीत का पुरस्कार 'गुरु' फ़िल्म के लिए ए आर रहमान को दिया गया.
दीपिका पादुकोण को सर्वश्रेष्ठ नई अभिनेत्री और सांवरिया के लिए रणबीर कपूर को सर्वश्रेष्ठ नए अभिनेता का पुरस्कार दिया गया.
कुछ अहम पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म: तारे ज़मीं पर
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता- शाहरुख़ ख़ान (चक दे इंडिया)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री- करीना कपूर (जब वी मेट)
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक- आमिर ख़ान (तारे ज़मीं पर)
सर्वश्रेष्ठ संगीतकार- एआर रहमान (गुरु)
सर्वश्रेष्ठ गीतकार- प्रसून जोशी (तारे ज़मीं पर)
सर्वश्रेष्ठ कहानी- अमोल गुप्ते (तारे ज़मीं पर)
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता- इरफ़ान ख़ान (लाइफ़ इन मेट्रो)
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री- कोंकणा सेन (लाइफ़ इन मेट्रो)