शुक्रवार, 15 फ़रवरी, 2008 को 09:09 GMT तक के समाचार
भारत की लघु फ़िल्म 'उधेड़बुन' ने बर्लिन फ़िल्म समारोह में 'सिल्वर बेयर' पुरस्कार जीता है. ये फ़िल्म भोजपुरी में बनी है.
भारतीय फ़िल्म एवं टेलीविज़न संस्थान (एफ़टीआईआई), पुणे के छात्र रहे सिद्धार्थ सिन्हा ने इस फ़िल्म का निर्देशन किया है.
बर्लिन फ़िल्म समारोह में लघु फ़िल्मों की श्रेणी में 11 फ़िल्में थीं.
इनमें एक अन्य भारतीय निर्देशक उमेश कुलकर्णी की फ़िल्म 'थ्री ऑफ़ अस' भी शामिल थी.
लगभग 21 मिनट की अवधि वाली फिल्म 'उधेड़बुन' आशू नामक एक लड़के की कहानी है जिसकी ज़िंदगी की जद्दोजहद उससे उसका बचपन छीन लेती है और बाद में वह ख़ुद को दोबारा खोजने की ज़रूरत महसूस करता है.
तीन लोगों की जूरी ने कहा कि 'उधेड़बुन' को आधुनिक तरीके से कहानी कहने के लिए सिल्वर बेयर अवॉर्ड दिया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में सिद्धार्थ सिन्हा ने कहा, "मैं रोमांचित महसूस कर रहा हूँ. मुझे इसे स्वीकार करते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है. ऐसे बड़े पुरस्कार को ग्रहण करते हुए अपने करियर की शुरुआत करना बेहद सुखद है."
निर्दशक सिद्धार्थ सिन्हा ने इस फ़िल्म को एफ़टीआईआई और भारतीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से बनाया है.
बोगदान मुस्तात के निर्देशन में बनी रोमानिया की लघु फ़िल्म 'ए गुड डे फॉर ए स्विम' को गोल्डन बेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.