रविवार, 10 फ़रवरी, 2008 को 17:04 GMT तक के समाचार
बर्लिन फ़िल्म समारोह में जलवा बिखेर रहे शाहरूख़ ख़ान मानो जर्मनी के लोगों के दिलों में राज करते हैं, इस क़दर कि कुछ लोगों ने लोकप्रियता के मामले में उनकी तुलना पोप से कर दी.
आम तौर पर बर्लिन फ़िल्म समारोह में स्थानीय फ़िल्मों के अलावा हॉलीवुड की फ़िल्में और कलाकार चर्चा के केंद्र में रहते थे लेकिन इस बार मंजर बदला हुआ दिखा.
शाहरूख़ ख़ान की एक झलक पाने के लिए ऐसी भीड़ उमड़ी कि कुछ युवतियाँ होश गँवा बैठीं और बाद में सुरक्षाकर्मियों को उन्हें सहारा देकर ले जाते हुए दिखाया गया.
स्थानीय टेलीविज़न चैनलों ने भी उनकी लोकप्रियता को भाँपने में देरी नहीं कि और आनन-फ़ानन में कई चैनलों ने उनका 'प्रोफ़ाइल' चलाना शुरु कर दिया.
सेक्स अपील
जर्मनी के अख़बार 'फ़्रैंकफ़ुर्त अल्जेमीन ज़ेतुंग' के मुताबिक यूरोप के कई देशों से सिने प्रेमी सिर्फ़ किंग ख़ान को देखने बर्लिन पहुँचे हैं.
बर्लिन से प्रकाशित टैबलॉयड 'दी तेजेसज़ीतुंग' शाहरूख़ की तुलना पोप से करते हुए लिखता है, "वो उतने ही लोकप्रिय हैं जितने पोप लेकिन उनकी सेक्स अपील ज़्यादा है."
फ़िल्म वितरण कंपनी ईरोज़ इंटरटेनमेंट का कहना है कि कुछ दिनों में किंग ख़ान स्टारर 'ओम शांति ओम' के 50 प्रिंट पूरे जर्मनी में वितरित किए जाएंगे.
फ़िल्म समारोह में 'ओम शांति ओम' की स्क्रीनिंग के लिए पहुँचे शाहरूख़ ख़ान ने कहा है कि कामयाबी की बुलंदियां छू लेने के बावजूद उनकी हॉलीवुड में जाने की इच्छा नहीं है.
उनका कहना था, "हॉलीवुड या यूरोपीय फ़िल्मों में मेरे लिए कोई स्थान नहीं है. मैं अपने देश में ही फ़िल्मों में काम करते हुए भारतीय सिनेमा को वैश्विक बनाने का प्रयास करूंगा."
बर्लिन फ़ेस्टिवल सात फ़रवरी को शुरु हुआ है और ये 17 फ़रवरी तक चलेगा.
जर्मनी में अपने प्रशंसकों को देख शाहरुख़ काफ़ी खुश नज़र आए.
उन्होंने कहा, " ये देखकर बहुत अच्छा लगा कि यहाँ जर्मनी में इतने लोग आएँ हैं. मुझे नहीं लगता कि मैने कभी कुछ ख़ास किया है. लेकिन इतना प्यार देखकर मुझे बेहद ख़ास महसूस हो रहा है. ये ख़ुदा की मेहरबानी है."