शुक्रवार, 18 जनवरी, 2008 को 10:56 GMT तक के समाचार
इटली के ऐतिहासिक शहर रोम में विरोध प्रदर्शन के लिए एक ऐसा अनूठा तरीका अपनाया गया जिससे एक बार तो ऐसा लगा मानो पूरा शहर ठहर गया हो.
भले ही विरोध प्रदर्शन का तरीका थोड़ा हट कर रहा हो और शहर प्रशासन को इससे परेशानी हुई हो लेकिन इस प्रदर्शन के ज़रिए इसके आयोजकों को काफ़ी प्रचार मिला.
शहर में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्रबिंदु स्पेनिश स्टेप्स पर आने वाले लोगों को बुधवार को एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला.
सफ़ाई कर्मचारी और मुस्तैद दिखने वाले पुलिसकर्मी किसी चोर के नहीं बल्कि छोटी-छोटी रंगीन गेंदों के पीछे दौड़ते रहे और उनके हथियार थे गेंद पकड़ने के लिए ब्रुश और बॉल्टियां.
असल में स्पेनिश स्टेप्स पर अचानक ही पांच लाख गेंदें लुढ़कती हुई दिखाई देने लगी और कुछ ही मिनटो में पूरा इलाक़ा बच्चों के खेलने का मैदान नज़र आने लगा.
विरोध का कारण
इन रंगीन गेंदों के ज़रिए विरोध इसके आयोजक ग्राज़ीएनो सेचीनी इसलिए कर रहे थे क्योंकि वो बर्मा और स्थानीय करेन समुदाय की स्थिति के प्रति जागरूकता पैदा करना चाहते थे.
करेन अल्पसंख्यक समुदाय है जो 1949 से स्वतंत्र राष्ट्र के लिए संघर्ष कर रहा है और सेना पर नरसंहार का आरोप लगाता रहा है.
ग्राज़ीएनो सेचीनी इन्हीं रंगीन गेंदों के बीच से होते हुए आए और अपनी बात लोगों के सामने रखी.
इस प्रदर्शन के दौरान ग्राज़ीएनो को 15 हज़ार पाउंड ख़र्च करने पड़े और लगता है कि स्थानीय प्रशासन भी उन पर जुर्माना लगाएगा जिससे उनकी जेब शायद और ढीली हो जाए.
इस प्रकरण में चाँदी पर्यटको की रही जिन्हें स्पेनिश स्टेप्स से रंग-बिरंगी गेंद इकठ्ठी करने का मौक़ा मिल गया.
हालाँकि रोम के सुरक्षा विभाग के प्रमुख ज्यां लिओनार्द तोआदी ने इस तरह से विरोध प्रदर्शन को अस्वीकार्य बताया है.
उनका कहना है कि ग़लती इंसान से होती है लेकिन उसे बार-बार करना अच्छा संकेत नहीं है और शहर में अव्यवस्था की क़ीमत पर प्रचार पाने की कोशिश कोई मज़ाकिया बात नहीं है.
शायद सुरक्षा प्रमुख का कहना सही हो लेकिन बात ये है कि विरोध का ये तरीका सफल प्रतीत होता है.