शनिवार, 12 जनवरी, 2008 को 13:11 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी के 'लौह पुरुष' कहे जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी पिघल गए और ख़ूब रोए.
ऐसा हुआ शुक्रवार को आमिर ख़ान की फ़िल्म तारे ज़मीं पर की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान.
नई दिल्ली के प्रसार भारती फ़िल्म डिविज़न ऑडिटोरियम में फ़िल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान लालकृष्ण आडवाणी के साथ-साथ कई सांसद मौजूद थे.
फ़िल्म के दौरान आडवाणी अपने आँसू नहीं रोक पाए. उन्होंने आमिर ख़ान और फ़िल्म के लेखक की जमकर तारीफ़ की.
बाहर निकलकर आमिर ख़ान ने भी पत्रकारों से बातचीत की और कहा, "मैंने पहली बार आडवाणी जी को रोते हुए देखा है. उन्हें सिनेमा की अच्छी समझ है. उन्होंने लगान भी देखी थी. मैं ये जानना चाहता था कि वे इस फ़िल्म के बारे में क्या सोचते हैं."
....और आडवाणी ने भी आमिर ख़ान की भावना से अलग प्रतिक्रिया नहीं दी.
प्रशंसा
आडवाणी ने फ़िल्म की बहुत प्रशंसा की और कहा, "बहुत वर्षों से मैंने ऐसी फ़िल्म नहीं देखी थी. फ़िल्म के निर्देशक और पटकथा लेखक बधाई के पात्र हैं."
आडवाणी ने कहा कि फ़िल्म तारे ज़मीं पर हर तरह से बेहतरीन फ़िल्म है. फ़िल्म का विषय जटिल ज़रूर था लेकिन इसे फ़िल्म में इतनी ख़ूबसूरती से पेश किया गया है कि यह दर्शकों का दिल छू लेती है.
तारे ज़मीं पर बतौर निर्देशक आमिर ख़ान की पहली फ़िल्म है. हाल ही में स्टार स्क्रीन अवार्ड्स में फ़िल्म को कई पुरस्कार मिले.
आमिर ख़ान को इस फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला.
तो कहानी और डॉयलॉग के लिए अमोल गुप्ते को भी पुरस्कार मिला. दर्शील सफ़ारी को बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का भी पुरस्कार मिला.
तो प्रसून जोशी ने सर्वश्रेष्ठ गीतकार का पुरस्कार जीता.