शुक्रवार, 16 नवंबर, 2007 को 17:30 GMT तक के समाचार
जेम्स मेसन और पेगी क्लार्क की मुलाक़ात अभी 12 अक्तूबर को ही हुई है और दोनों को पहली नज़र में एक दूसरे से प्यार हो गया.
अब अगर जेम्स की उम्र 93 वर्ष है और पेगी की 84 तो क्या? प्रेम की भी कोई उम्र होती है?
दोनों एक समारोह में मिले और पेगी कहती हैं, "जैसे ही मैंने जेम्स की आँखों में देखा मैं समझ गई कि मेरे लिए वही है-उन आँखों ने सब कुछ बयान कर दिया".
जेम्स कहते हैं, "मेरा परिवार कहता है पेगी निहायत ख़ूबसूरत हैं. मेरा बेटा मेरी शादी में बेस्टमैन बनेगा".
उनका कहना है कि वह दोनों थोड़े पुराने ख़्यालों के हैं और विवाह के बिना साथ-साथ रहना उनकी नज़र में पाप है.
पेगी कहती हैं, "शादी से पहले मैं थोड़ी नर्वस हूँ लेकिन इंतज़ार नहीं कर पा रही हूँ. मैं बार-बार जेम्स से कहती हूँ कि वह मेरे चुटकी काटे-कहीं मैं सपना तो नहीं देख रही हूँ".
उनका कहना है, "ऐसा कुछ लाखों वर्षों में एक बार होता है. जेम्स ने मुझसे वायदा किया है कि वह कभी मेरा साथ नहीं छोड़ेंगे".
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टोपी के नीचे क्या है...
न्यूयॉर्क के एक हवाई अड्डे पर उस समय अजीब समाँ पैदा हो गया जब एक यात्री विमान से उतरा और उसकी पोनी टेल पर एक छोटा से बंदर चिपका हुआ था.
स्पिरिट हवाई सेवा के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यक्ति फ़्लोरिडा से अपने पालतू बंदर को अपनी टोपी में छिपा कर लाया था.
असल में वह चला तो पेरु के शहर लीमा से और फिर उसने फ़्लोरिडा में विमान बदला.
विमानसेवा की प्रवक्ता ऐलिसन रसेल कहती हैं, "यह समझ में नहीं आता कि लीमा में यह व्यक्ति कैसे सुरक्षा पार कर गया और फिर फ़्लोरिडा में भी किसी ने उसकी जाँच नहीं की".
न्यूयॉर्क में अधिकारियों का कहना है कि बंदर पूरी तरह स्वस्थ लग रहा है हालाँकि उसको बीमारियों के परीक्षण के लिए एक महीने एकांत में रखा जाएगा.
उसके बाद हो सकता है बंदर को चिड़ियाघर भेज दिया जाए. बंदर के मालिक का क्या होगा-यह अभी पता नहीं.
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सारा क़सूर बकरियों का है...
तेज़ रफ़्तार से कार चलाने वालों के बहाने आपने बहुत सुने होंगे (ख़ुद भी बनाए होंगे). लेकिन इस बहाने ने तो अधिकारियों को चक्कर में डाल दिया.
कनाडा के एक राजमार्ग पर एक स्विस नागरिक को जब 161 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो उन्होंने इसका ज़िम्मेदार बकरियों को ठहराया.
जीहाँ, आपने सही पढ़ा--बकरियों को. वह कहते हैं इस सड़क पर क्योंकि बकरियाँ नहीं थीं इसलिए मेरी गाड़ी की रफ़्तार ख़ुद ब ख़ुद बढ़ जाती हैं.
कनाडा की पुलिस के प्रवक्ता जोएल डोएरॉन का कहना है कि अपनी 20 साल की नौकरी में उन्होंने कभी इन सड़कों पर बकरियों को नहीं देखा.
वह कहते हैं, "शायद स्वट्ज़रलैंड में बकरियाँ सड़कों पर घूमती हों, लेकिन मैं तो कभी वहाँ गया नहीं".
वैसे, बहाना काम नहीं आया. कारचालक को 175 डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा.
(इस तरह की चटपटी ख़बरें नियमित रूप से आप तक पहुँचाते रहेंगे. हमारा यह नया प्रयास आपको कैसा लगा लिखिए hindi.letters@bbc.co.uk पर)