शनिवार, 10 नवंबर, 2007 को 18:06 GMT तक के समाचार
पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित अमरीकी लेखक नॉर्मन मेलर का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. वो लंबे अरसे से गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे थे.
मेलर दो बार पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित किए गए. पहली बार वर्ष 1968 में अपनी कृति 'आर्मीज़ ऑफ़ द नाइट' के लिए और वर्ष 1979 में 'द एक्सक्यूशनर्स सॉंग' के लिए.
वो अपने तीखे गद्य लेखन के लिए मशहूर थे. उन्हें नारीवादी आंदोलन का विरोधी भी समझा जाता था.
नॉर्मन मेलर की आख़िरी कृति 'द कैसल इन द फॉरेस्ट' इसी साल रिलीज़ हुई है.
पिछले महीने ही नॉर्मन के फेफड़े की सर्जरी हुई थी. वर्ष 1923 में न्यू जर्सी में जन्मे नॉर्मन मेलर ने दर्जनों लेख, पटकथाएँ और कविताएँ लिखी.
इराक़ और वियतनाम युद्ध पर उन्होंने अपनी लेखनी के ज़रिए कड़ी टिप्पणी की.
वो ख़ुद दूसरे विश्व युद्ध के दौरान सेना में शामिल थे और इसमें मिले अनुभवों के आधार पर मेलर ने वर्ष 1948 में 'द नेकेड एंड द डेड' नामक उपन्यास लिखा जिससे उन्होंने काफी ख़्याति बटोरी.
उनकी रचनाओं में अक़्सर हिंसा, सेक्स सामग्री और ऐसे विचारों का समावेश रहा जिनके कारण उन्हें आलोचनाओं का शिकार भी बनाना पड़ा.