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गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 12:58 GMT तक के समाचार

दुर्गेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, मुंबई

पुराने रंग में रंगा एक नया गीत

फ़राह ख़ान की नई फ़िल्म ओम शांति ओम से जुड़ी कुछ बातें लगातार चर्चा में हैं. फ़िल्म में कई नए प्रयोग किए गए हैं.

जैसे एक गीत में आपको हीरो शाहरुख़ ख़ान लगभग 30 बड़े कलाकार एक साथ नज़र आएँगे. एक और बड़ी सरप्राइज़ है सत्तर के दशक में प्रचलित संगीत की तर्ज़ पर रिकॉर्ड हुआ एक गीत.

इस गीत के लिए संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के प्यारेलाल ने दिया है. फ़राह ख़ान के विशेष आग्रह पर उन्होंने इस गाने को सत्तर के दशक का रंग दिया है.

आपको याद होगा कि संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने सत्तर के दशक में सबसे ज्यादा बेहद लोकप्रिय गाने दिए थे.

प्यारेलाल का कहना है कि ओम शांति ओम के लिए गाना रिकॉर्ड करना एक अच्छा अनुभव रहा.

बीबीसी से एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, "फ़राह चाहती थीं कि मैं उनकी फिल्म के लिए सत्तर के दशक के गाने तैयार करुं. वो मुझसे मिलीं और गाने की सिचुएशन समझाई, बाद में विशाल-शेखर भी मिले और कहा कि उन्हें उस गाने में वही रंग चाहिए जो कि सत्तर के दशक में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत में हुआ करता था".

ओम शांति ओम के इस गाने की रिकॉर्डिंग में प्यारेलाल ने 150 लोगों के आरक्रेस्ट्रा का उपयोग किया है. डिजिटल म्यूजिक के आजकल के दौर में आरक्रेस्ट्रा से रिकॉर्डिंग नहीं की जाती है.

प्यारेलाल ने हमें बताया कि हमने इस गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान अलग-अलग तरह के 40-45 ड्रम,तबले,ढोल के साथ साथ 40 से ज्यादा वॉयलिन और 22 अलग अलग बांसुरियों का इस्तेमाल किया है.

अब प्यारेलाल इस गाने को स्क्रीन पर देखना चाहते हैं और उनको पूरा भरोसा है कि इस गाने को सुनने के बाद लोगों को सत्तर के दशक के गानों की याद ताज़ा हो जाएगी.

इतना ही नहीं प्यारेलाल आजकल एक ऐसी एल्बम पर काम कर रहे हैं जिसमें कई भारतीय और पाकिस्तानी गायक अपनी आवाज देंगे. इससे पहले वो यूके की म्यूज़िक कंपनी शॉट की मदद से इंडियन समर नाम का एक एल्बम इसी साल मार्च में लांच कर चुके हैं.

ओम शांति ओम के अलावा प्यारेलाल अब कुछ बड़े बैनर्स की फिल्मों में संगीत देने की तैयारी में हैं.