शनिवार, 20 अक्तूबर, 2007 को 14:55 GMT तक के समाचार
मुंबई धमाकों के सिलसिले में फिलहाल अंतरिम ज़मानत पर जेल से बाहर फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को टाडा कोर्ट की ओर से सज़ा के फ़ैसले की प्रति नहीं मिली है.
इसलिए वे अभी कुछ दिन और जेल से बाहर रह सकते हैं.
अवैध हथियार रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने 31 जुलाई को संजय दत्त को छह वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई थी.
संजय ने कुछ समय जेल में बिताया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में संजय दत्त को अंतरिम ज़मानत दे दी थी.
जेल से बाहर
शनिवार को टाडा कोर्ट संजय दत्त को इस फ़ैसले की प्रति देने वाला था लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिस दिन फ़ैसले के प्रति मिले,संजय दत्त उसी दिन अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दें. शनिवार को संजय दत्त अदालत में मौजूद थे.
अंतरिम ज़मानत पर जेल से बाहर संजय दत्त इनदिनों अपनी अधूरी फ़िल्में पूरी कर रहे हैं.
अदालत ने संजय दत्त को बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से तो बरी कर दिया था लेकिन उन्हें अवैध तरीके से एक एके-56 राइफ़ल और पिस्तौल रखने का दोषी पाया था.
मुंबई में वर्ष 1993 में 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए थे.
मुंबई धमाकों के संबंध में कुल 100 लोगों को दोषी ठहराया गया है. इनमें से 12 को मौत की और 20 को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.