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रविवार, 14 अक्तूबर, 2007 को 13:50 GMT तक के समाचार

कोमल नाहटा
वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार

अक्षय कुमार का 'टोटका'

फ़िल्म की सफलता के लिए कलाकार ख़ूब टोटके करते हैं. अब अपने अक्षय कुमार कैसे इससे पीछे रहते.

पता नहीं अक्षय कुमार डरे हुए थे या फिर उन्हें कुछ ज़्यादा ही विश्वास था, उन्होंने निर्माता भूषण कुमार को भूल भुलैया की रिलीज़ से पहले ट्रायल शो रखने को मना कर दिया.

इसलिए पिछले गुरुवार के अलावा फ़िल्म का कोई ट्रायल शो नहीं हुआ. वैसे इतनी बड़ी फ़िल्म है तो सोमवार या मंगलवार से ट्रायल शो शुरू हो जाने चाहिए थे.

एक ट्रायल शो मंगलवार को हुआ मगर उसमें सिर्फ़ अक्षय कुमार और दो-तीन फ़िल्म से जुड़े लोग ही मौजूद थे. गुरुवार को मीडिया के लिए एक प्रीव्यू शो रखा गया.

वैसे फ़िल्म का एक ट्रायल शो लंदन में मंगलवार को रखा गया था और वहाँ की रिपोर्ट अच्छी नहीं आई थी. लेकिन अक्षय कुमार ने अपने निर्माता को उससे पहले ही ट्रायल शो रखने से मना कर दिया.

ख़ैर अक्षय कुमार का ये टोटका पूरी तरह कितना सफल होता है ये तो आगे पता चलेगा लेकिन फ़िल्म की ओपनिंग अच्छी हुई है और इसके बॉक्स ऑफ़िस पर सफल होने के आसार भी ज़्यादा हैं.

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बॉबी के पदचिह्नों पर ऋषि कपूर

कुछ सप्ताह पहले बॉबी दओल की नन्हे जैसलमेर रिलीज़ हुई थी. इस फ़िल्म में उन्होंने बॉबी दओल की ही भूमिका निभाई थी.

बॉबी के बाद ऋषि कपूर ने एक फ़िल्म साइन की है जिसमें वो ऋषि कपूर ही होंगे.

फ़िल्म का टाइटिल है हड़बहेड़ी और इसका निर्माण कर रहे हैं बॉबी बेदी. बॉबी बेदी ने इससे पहले आमिर ख़ान के साथ मंगल पांडे बनाई थी.

इससे बाद बॉबी हमेशा ये कहते रहे कि उनकी अगली फ़िल्म आमिर के साथ ही होगी लेकिन हड़बहेड़ी में आमिर नहीं ऋषि कपूर हैं. इस फ़िल्म में ऋषि कपूर के साथ नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा के कलाकार हैं.

हड़बहेड़ी का निर्देशन रंजीत कपूर करेंगे जो इससे पहले फ़िल्में लिखते थे. इस फ़िल्म की शूटिंग हिमाचल प्रदेश में तीन अक्तूबर से लगातार हो रही है.

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ये इत्तिफ़ाक....

ये इत्तिफ़ाक ही कहा जाएगा कि विद्या बालन ने जिस फ़िल्म में काम करने से मना किया उसी फ़िल्म की रिलीज़ के साथ उनकी फ़िल्म भी रिलीज़ हुई है.

परिणीता के बाद प्रदीप सरकार ने विद्या को लागा चुनरी में दाग़ में रानी मुखर्जी की छोटी बहन का रोल ऑफ़र किया था. लेकिन विद्या ने रानी से कम रोल के लिए दादा (प्रदीप सरकार) को मना कर दिया.

अब लागा चुनरी में दाग़ की रिलीज़ के साथ ही विद्या बालन की भूल भुलैया रिलीज़ हुई है. ना सिर्फ़ इतना, इस फ़िल्म में विद्या का रोल भी अच्छा है और उनके काम ख़ूब तारीफ़ भी हुई है.

ख़ैर जब विद्या ने प्रदीप सरकार को नहीं कहा, तब दादा को बुरा तो लगा लेकिन विद्या अटल रहीं. शायद विद्या ने सोचा होगा कि उनके जीवन में सरकार राज नहीं चलना चाहिए.

विद्या के अलावा लागा चुनरी में दाग़ के साथ जुड़ने से शबाना आज़मी और जूही चावला ने भी मना कर दिया था. शबाना आज़मी को जया बच्चन वाला रोल ऑफ़र किया गया था लेकिन शबाना को उस किरदार से ही समस्या थी.

शबाना का सोचना सही था क्योंकि फ़िल्म के नहीं चलने के एक बड़ा कारण जया बच्चन का किरदार है. जूही चावला ने जब फ़िल्म में विशेष भूमिका के लिए मना कर दिया तो तवायफ़ के रोल में हेमा मालिनी को लिया गया.

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फूल नहीं काँटें ही काँटे.....

आपको याद होगा अजय देवगन की पहली फ़िल्म फूल और काँटे निर्माता दिनेश पटेल ने बनाई थी. वो फ़िल्म सुपर हिट हो गई और अजय एक कामयाब कलाकार बन गए.

कुछ समय बाद दिनेश पटेल ने अजय के साथ दिव्यशक्ति बनाई जो बॉक्स ऑफ़िस पर पिट गई. उस फ़िल्म में पटेल को इतना नुक़सान हुआ कि उसके बाद वे दोबारा फ़िल्म बना ही नहीं सके.

ख़ैर, जब बहुत सालों के बाद दिनेश पटेल ने फिर फ़िल्म बनाने की सोची तो ज़ाहिर है, वो अजय देवगन के पास पहुँचे. उनकी मदद करने के लिए अजय झट से बहुत ही सस्ते में उनकी नई फ़िल्म करने को तैयार हो गए.

बात थी दिनेश पटेल के बैनर को दोबारा खड़ा करने की. इस तरह फ़िल्म बेनाम शुरू हुई. फ़िल्म के निर्देशक अनीस बज़्मी थे और जब बज़्मी की नो एंट्री सुपरहिट हो गई तो लगा कि दिनेश पटेल की बेनाम को भी वितरकों को बेचने में आसानी होगी.

अब तो फ़िल्म का नाम भी बेनाम से बदलकर नाम कर दिया गया है लेकिन फ़िल्म की क़िस्मत नहीं बदल रही है. अजय देवगन चले थे पटेल की मदद करने लेकिन अब हालत ऐसी है कि उनकी फ़िल्मों के बिकने में भी मुसीबत आने लग गई है.

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हट के रानी....

रानी मुखर्जी ने जो रोल अपने करियर में कभी नहीं किया वो अब एक साथ दो-दो फ़िल्मों में किया है.

हाल ही में रिलीज़ हुई लागा चुनरी में दाग़ में वो बनी हैं एक कॉल गर्ल जो बड़े-बड़े उद्योगपतियों के साथ पार्टियों में जाती है.

आने वाली फ़िल्म साँवरिया में रानी एक यौनकर्मी की भूमिका निभा रही हैं. लागा चुनरी में दाग़ के बाद रानी की अगली फ़िल्म साँवरिया ही होगी.

लागा चुनरी में दाग़ की ओपनिंग तो अच्छी नहीं रही है और बॉक्स ऑफ़िस पर फ़िल्म का भविष्य भी अच्छा नहीं दिख रहा.

अब देखिए साँवरिया में रानी अपनी इस भूमिका से लोगों को लुभा पाती हैं या नहीं.

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मेहुल के ख़िलाफ़ कई मामले

तिरंगा और क्रांतिवीर जैसी हिट फ़िल्में बनाने वाले निर्देशक मेहुल कुमार के ख़िलाफ़ फ़ाइनेंसर जयंतीलाल गाडा ने मुंबई की दो अदालतों में 28 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं.

मेहुल कुमार ने कितने दूर कितने पास और कभी कभी ऐसा भी होता है बनाने के लिए गाडा से उधार लिया था. मेहुल ने उधार वापस करने के लिए गाडा को चेक दिए थे.

लेकिन चेक बाउंस हो गए. जिसकी वजह से जयंतीलाल गाडा ने उन पर केस कर दिया. इसके अलावा एक और फ़ाइनेंसर हीराचंद डंड ने भी मेहुल कुमार पर ऐसे ही केस दर्ज किए हैं.

उन्होंने भी मेहुल कु्मार को फ़िल्म बनाने के लिए पैसे दिए थे. जो वापस आए ही नहीं. कुल मिलाकर मेहुल कुमार को कम से कम 10 करोड़ रुपए लौटाने बाक़ी हैं.