शुक्रवार, 14 सितंबर, 2007 को 17:30 GMT तक के समाचार
जर्मन सरकार ने अभिनेता टॉम क्रूज़ और द्वितीय विश्व युद्ध पर फ़िल्म बना रही टीम पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है.
इन लोगों के ऊपर द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े एक स्मारक पर जाने पर रोक लगा दी गई थी.
'वाल्किएर' नाम की फ़िल्म में टॉम क्रूज़ कर्नल क्लाउस वॉन स्टॉफ़ेनबर्ग की भूमिका निभा रहे हैं जिन्हें हिटलर की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में 1944 में मृत्युदंड दिया गया था.
'वाल्किएर' के निर्देशक फ़िल्म की शूटिंग उसी स्थान पर करना चाहते थे जहाँ कर्नल क्लाउस को मौत की सज़ा दी गई थी लेकिन इस अनुरोध को ठुकरा दिया गया था.
जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि "सरकार का विचार बदल गया क्योंकि अब हमें विश्वास हो गया है कि युद्धोत्तर जर्मनी का अच्छा चित्रण किया जाएगा."
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता थॉमस राबे ने कहा, "ऐसा लगता है कि फ़िल्म में यही दिखाया जाएगा कि बर्बरता की जीत नहीं हुई और उस मुश्किल दौर के बाद एक लोकतांत्रिक जर्मनी का उदय हुआ."
अफ़वाहें
जब टॉम क्रूज़ की फ़िल्म की शूटिंग पर रोक लगाई गई थी तो अटकलें लगाई जा रही थी कि इसकी वजह साइंटेलॉजी पंथ है जिसके टॉम क्रूज़ मतावलंबी हैं.
जर्मन सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया था ताकि "उस अहम ऐतिहासिक स्थल की गरिमा बनी रहे."
जहाँ कर्नल क्लाउस को मार डाला गया था उस इमारत का नाम बेंडलर ब्लॉक है जिसे अब हिटलर विरोधी नेताओं के स्मारक के रूप में तब्दील कर दिया गया है.
फ़िल्म निर्माता कंपनी यूनाइटेड आर्टिस्ट्स का कहना है कि वे इस प्रतिबंध के हटने से बहुत ख़ुश हैं और बेंडलर ब्लॉक में शूटिंग करने को लेकर ख़ासे उत्साहित हैं.
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "स्मारक की गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा और हम सरकार की ओर से जारी किए सभी नियमों और निर्देशों का पालन करेंगे."
वाल्किएर उस गुप्त अभियान का नाम था जिसके तहत हिटलर को मारने की योजना बनाई गई थी लेकिन योजना नाकाम हो गई थी और कर्नल क्लाउस को मार डाला गया था.