शनिवार, 08 सितंबर, 2007 को 19:16 GMT तक के समाचार
परिवाजनों और मित्रों ने दुनिया के महानतम ऑपेरा गायकों में से एक माने जाने वाले इटली के लुचानो पावारोत्ती को अंतिम श्रद्धांजलि दी.
इटली में उनके गृहनगर मोडेना में जब वह गीत बजाया गया जिसे पावारोत्ती ने अपने पिता के साथ गाया था तो चर्च तालियों से गुँज उठा.
वहाँ उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हज़ारों लोग इकट्ठे हुए थे जिसमें कई बड़े स्टार भी थे.
उल्लेखनीय है कि पिछले गुरुवार को 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया था.
पावारोत्ती अग्नाशय के कैंसर से पीड़ित थे.
पावारोत्ती का जुलाई, 2006 में न्यूयार्क में कैंसर का आपरेशन किया गया था. उसके बाद पावारोत्ती कभी सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए.
पावारोत्ती को बुखार होने के बाद पिछले आठ अगस्त को इटली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वो एक हफ्ते पहले ही अपने घर वापस आए थे.
उन्हें एक निजी क़ब्रिस्तान में उनके परिवारजनों के साथ दफ़नाया गया. वहीं उनके माता-पिता और उनके बेटे को दफ़न किया गया था.
उनके अंतिम संस्कार का टेलीविज़न और इंटरनेट पर सीधा प्रसारण भी किया गया.
महान कलाकार
पावारोत्ती लगातार 40 साल से ऑपेरा गायन के बेताज बादशाह रहे.
मैडोना और एल्टन जॉन जैसे पाप स्टारों की तरह पावारोत्ती भी स्टार रहे हैं और उन्हें बेहद पसंद किया जाता था.
पावारोत्ती को ऑपेरा गायकी को फिर से नई प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय दिया जाता है. खासतौर पर उनकी एक धुन दुनियाभर में फुटबॉल की सबसे लोकप्रिय धुन बन गई थी.
गौरतलब है कि इटली का ऑपेरा गायन पश्चिमी देशों की परंपरागत संगीत विधा माना जाता है.
इसमें किसी कहानी या घटनाक्रम को संगीतबद्ध गायन के जरिए प्रदर्शित किया जाता है.
पावारोत्ती ने अपनी पहली पत्नी आडुआ के साथ 35 वर्ष वैवाहिक जीवन बिताने के बाद 1996 में तलाक़ ले लिया था. उन दोनों के तीन बेटियाँ हैं.
उसके बाद वह अपनी सेक्रेटरी निकोलेटा के साथ रहने लगे. उनके जुड़वाँ बच्चे पैदा हुए लेकिन केवल एक बेटी एलिस जीवित बची. बाद में एक भव्य समारोह में उन्होंने निकोलेटा से विवाह कर लिया था.