गुरुवार, 06 सितंबर, 2007 को 17:06 GMT तक के समाचार
सलमा ज़ैदी
संपादक, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम
बीबीसी हिंदी पत्रिका दस सितंबर को अपने अस्तित्व का एक साल पूरा कर रही है. आपको याद होगा हमारे पहले अतिथि संपादक देवानंद का एक कथन.
उन्होंने कहा था, "मैं हमेशा चुनौतियाँ स्वीकार करने को तैयार रहता हूँ. मैं साठ साल से फ़िल्म इंडस्ट्री में काम कर रहा हूँ और मेरी क्रिएटीविटी ही है कि मैं आज भी चल रहा हूँ. बीबीसी हिंदी भी एक चुनौती स्वीकार कर रही है. यह उम्मीद जगाने वाली बात ही है".
तो बीबीसी हिंदी ने भी इस चुनौती को स्वीकार किया और बख़ूबी निभाया भी.
हमारे पाठकों ने पत्रिका को हाथोंहाथ लिया और आपका स्नेह लगातार हमें मिलता रहा.
लेकिन कहते हैं न कि जीवन चलते रहने का नाम है और बदलाव अवश्यंभावी है.
कुछ नया कुछ अलग
तो आपके ही सुझावों को ध्यान में रखते हुए अब हम आपके लिए कुछ नया लाने पर विचार कर रहे हैं.
आपसे वायदा था कि करियर से जुड़ी जानकारियाँ आप तक पहुँचे. उस पर काम जारी है.
समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े लोगों की आपबीती भी एक नया स्तंभ होगा जिसे आप जल्दी ही देख पाएँगे.
कुछ विशेष प्रस्तुतियाँ होंगी जैसे इसी महीने आप शहीद भगतसिंह की सौवीं जयंती पर उनसे जुड़ी विशिष्ट सामग्री पढ़ पाएँगे.
ऐसे ही विशेष आयोजन मूर्धन्य कवि डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन और महादेवी वर्मा के सौवें जन्मदिवस पर भी करने की योजना है.
इनके अलावा फ़िल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े अन्य समाचार तो पहले की तरह पत्रिका का हिस्सा बने ही रहेंगे.
आपकी सुविधा के लिए हमने एक काम और किया है. अब तक की सारी कहानियों और कविताओं को संकलित कर आपके लिए उन्हें एक ही स्थान पर देखने की सुविधा उपलब्ध करा दी है.
समय-समय पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहें और हमारा मार्गदर्शन करते रहें.