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सोमवार, 03 सितंबर, 2007 को 13:46 GMT तक के समाचार

बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू

संजय दत्त के 'वीआईपी सत्कार' पर विवाद

संजय दत्त ज़मानत पर बाहर आने के बाद से अपनी महिला मित्र के साथ वैष्णो देवी के दर्शन करने की वजह से चर्चा में थे.

पर इस चर्चा ने उस वक्त एक विवाद का रूप ले लिया जब कटरा से वैष्णो देवी की यात्रा शुरू करने के लिए संजय दत्त लाल बत्ती वाली कार में बैठकर भारी सरकारी सुरक्षा के साथ पहुँचे.

संजय के साथ उनकी महिला मित्र मान्यता और दो अन्य करीबी लोग भी थे.

संजय दत्त को अति विशिष्ट व्यक्ति का दर्जा दिए जाने को ग़लत बताने वाले लोग कहते हैं कि ऐसा व्यक्ति जिसे आपराधिक मामले में सज़ा सुनाई गई हो वह लाल बत्ती की गाड़ी में कैसे निजी यात्रा कर सकता है.

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हालांकि इस बारे में जब प्रशासन से पूछा गया तो जानकारी मिली कि सारा सरकारी इंतज़ाम उनकी सुरक्षा और उनकी सासंद बहन प्रिया दत्त के भी आने की सूचना के आधार पर किया गया.

अधिकारियों का कहना है कि उन्हें प्रिया दत्त के आने की भी जानकारी मिली थी इसीलिए लाल बत्ती की गाड़ी से उन्हें कटरा पहुँचाने की व्यवस्था की गई थी.

अधिकारियों की दलील है कि संजय दत्त एक प्रसिद्ध सिने अभिनेता हैं जिसके चलते उनकी सुरक्षा को लेकर ख़ास एहतियात बरतना ज़रूरी था.

वर्ष 1993 के मुंबई धमाकों के सिलसिले में अवैध हथियार रखने के जुर्म में संजय दत्त को छह साल की सज़ा मिली है लेकिन सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिलने के बाद फिलहाल वो रिहा हैं.

दुआएं

संजय दत्त ने सोमवार की सुबह देवी के दर्शन किए.

वैष्णो देवी के दरबार तक के 12 किलोमीटर के पहाड़ी रास्ते को संजय और उनके साथ आए लोगों ने पैदल चलकर और कुछ दूरी घोड़े की मदद से तय किया. ऐसा ही वापसी में भी किया गया.

इसके बाद वे दिन में 11 बजे के क़रीब विशेष विमान से वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए.

दर्शन करने पहुँचे संजय दत्त से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वो सलमान ख़ान के लिए भी दुआएं करेंगे तो उन्होंने कहा कि वो सलमान ख़ान ही नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए दुआएं करेंगे.

उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा को इतना तूल नहीं दिया जाना चाहिए और उन्हें एक साधारण दर्शनार्थी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.