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मंगलवार, 31 जुलाई, 2007 को 14:51 GMT तक के समाचार

कोमल नाहटा
वरिष्ठ फ़िल्म समीक्षक

संजय दत्त की तीन अधूरी फ़िल्में अधर में

संजय दत्त को सुनाई गई छह साल की सज़ा से सारी फ़िल्म इंडस्ट्री सकते में है. फ़िल्म उद्योग के लोगों ने मान लिया था कि या तो उन्हें सज़ा नहीं होगी या अगर होगी तो इतनी कम होगी कि वक़्त देखते-देखते निकल जाएगा.

मंगलवार की दोपहर ऐसा कुछ नहीं हुआ. छह वर्ष की सज़ा का मतलब है कि संजय दत्त की अधूरी फ़िल्मों का पूरा होना फ़िलहाल नामुमकिन है.

वैसे तो संजय दत्त की बहुत सारी फ़िल्मों की बात चल रही थी लेकिन जहाँ तक उनकी अधूरी फ़िल्मों का सवाल है तो उनकी संख्या तीन है.

इन फ़िल्मों के नाम हैं- अलीबाग़, किडनैप और मिस्टर फ्रॉड. इन तीनों फ़िल्मों पर पहले ही करोड़ों रूपए लगाए जा चुके हैं, इन तीनों फ़िल्मों का कुल 60 करोड़ रुपए के क़रीब है.

इन तीनों फ़िल्मों की शूटिंग अब अटक जाएगी लेकिन इंद्र कुमार और अशोक ठाकरिया की धमाल की शूटिंग पूरी हो चुकी है.

इन फ़िल्मों के निर्माता-निर्देशकों के सामने दो विकल्प ये हैं कि वे संजय दत्त की जगह किसी और एक्टर को फ़िल्म में ले लें या फिर संजय दत्त की रिहाई तक इंतज़ार करें. या फिर ये हो सकता है कि फ़िल्म की कहानी में बदलाव करके ऐसा बना दिया जाए कि जितनी शूटिंग हुई है उनका रोल उतना ही हो.

धमाल का काम पूरा हो चुका है और सही मायने में यही एक फ़िल्म है जो रिलीज़ के लिए तैयार है. महबूबा में अभी भी काम बाक़ी है नहीं तो यह फ़िल्म सात-आठ सालों से डिब्बे में नहीं पड़ी होती.

धमाल के रिलीज़ की तारीख़ सात सितंबर रखी गई थी लेकिन हो सकता है कि अब इसमें तब्दीली आए. वैसे लोग धमाल देखने ज़रूर जाएँगे, हाँ, अगर उन्हें आतंकवादी घोषित किया गया होता तो बात अलग होती लेकिन उन्हें सज़ा सिर्फ़ आर्म्स एक्ट में हुई है इसलिए संभव है कि फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल कर दे.

मुन्नाभाई एमबीबीएस और लगे रहो मुन्नाभाई के बाद, संजय दत्त की मुन्नाभाई चले अमरीका शुरू होने के लिए तैयार थी, उसका ट्रेलर भी शूट हो चुका है. लेकिन ट्रेलर के अलावा कोई और शूटिंग नहीं हुई है.

अभी इस फ़िल्म की कहानी और पटकथा पर काम चल रहा था यानी इसमें अभी अधिक रक़म नहीं खर्च की गई है.

मगर राजकुमार हिरानी ये एक ऐसी फ़िल्म है जिसमें संजय दत्त की जगह किसी और को नहीं लाया जाएगा क्योंकि अरशद वारसी और संजय दत्त की जोड़ी बन चुकी है, लोग मुन्नाभाई के रूप में किसी और को स्वीकार नहीं कर पाएँगे.