शनिवार, 28 जुलाई, 2007 को 07:45 GMT तक के समाचार
हॉलीवुड के मशहूर फ़िल्मकार स्टीवन स्पीलबर्ग बीजिंग ओलंपिक के कला निर्देशक की अपनी भूमिका छोड़ सकते हैं.
एबीसी न्यूज़ के मुताबिक अफ़्रीकी देश सूड़ान के प्रति चीन के रुख़ से स्पीलबर्ग ख़ुश नहीं हैं.
स्पीलबर्ग ने मई में राष्ट्रपति हू जिंताओ को एक पत्र लिखकर चीन को संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में शामिल होने की अपील की थी जिससे सूडान पर दबाव बढ़ सके.
लेकिन ऐसा पहली बार है जब उन्होंने कहा है कि वह बीजिंग खेलों में अपनी भूमिका से दूर होने के बारे में सोच रहे हैं.
दार्फ़ूर संकट
चीन ने सूडान के तेल उद्योग में भारी निवेश कर रखा है. सूडान के समस्याग्रस्त क्षेत्र दार्फ़ूर में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का हिस्सा न बनने के लिए चीन की आलोचना की जाती रही है.
स्टीवन स्पीलबर्ग के प्रवक्ता एंडी स्पान ने समाचार पोर्टल एबीसी न्यूज़ डॉट कॉम को बताया, "अगले कुछ हफ़्तों में चीन से जुड़े अपने काम के बारे में स्टीवन कोई फ़ैसला करेंगे. हमारा लक्ष्य नरसंहार रोकना है."
कई मानवाधिकार संगठनों ने चीन पर सूडान को हथियार बेचने का आरोप लगाया है और जिनका इस्तेमाल दार्फ़ूर में हो रहा है.
स्टीवन स्पीलबर्ग के प्रवक्ता ने कहा, "स्टीवन बीजिंग खेल का इस्तेमाल दार्फ़ूर मुद्दे पर चीन से बातचीत करने के लिए कर रहे हैं और उन्हें चीनी सरकार से ज़ल्द ही कोई उत्तर मिलेगा."
अमरीकी अख़बार वाल स्ट्रीट जरनल में छपे एक लेख के बाद स्टीवन स्पीलबर्ग ने यह कदम उठाने के बारे में सोचा है.
फ़िल्म अभिनेत्री मिया फ़ैरो के इस आलोचनात्म लेख में लिखा था, "क्या स्पीलबर्ग भी इतिहास में बीजिंग ओलंपिक खेल के लेनी रीफ़ेंस्ताल बनना चाहते हैं."
लेनी रीफ़ेंस्ताल नाम के फ़िल्मकार ने 1936 के बर्लिन ओलंपिक में जर्मनी की सहायता की थी. उस समय जर्मनी में हिटलर का शासन था.