शुक्रवार, 20 जुलाई, 2007 को 09:50 GMT तक के समाचार
दुनिया भर में हैरी पॉटर के प्रशंसकों के लिए इंतज़ार की घड़ियां ख़त्म होने वाली है. क्योंकि इस सिरीज़ का अंतिम उपन्यास 'हैरी पॉटर एंड द डेथली हैलोज़' शनिवार सुबह से बाज़ार में उपलब्ध हो जाएगा.
दरअसल, हर कोई जानना चाहता है कि हैरी पॉटर का चरित्र ज़िंदा रहेगा या मरेगा. पॉटर सिरीज़ की लेखिका जेके रोलिंग पहले ही कह चुकी हैं कि आने वाले उपन्यास में दो चरित्र मर जाएँगे और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इनमें से एक हैरी पॉटर हो सकता है.
पॉटर के दीवाने रॉलिंग से अपील भी कर रहे हैं कि वो हैरी पॉटर सिरीज़ के और उपन्यास लिखें.
इसे लेकर दुनिया भर में दीवनगी का आलम ये है कि इंटरनेट के माध्यम से अब तक 'हैरी पॉटर एंड द डेथली हैलोज़' की लाखों प्रतियों के ऑर्डर बुक किए जा चुके हैं.
दीवानगी का आलम
भारत में इस उपन्यास के वितरक पेंग्विन इंडिया की विज्ञप्ति के मुताबिक़ अकेले भारत में ही 2 लाख 40 हज़ार प्रतियों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है.
पेंग्विन का कहना है कि शनिवार सुबह साढ़े छह बजे से 'हैरी पॉटर एंड द डेथली हैलोज़' भारत में भी बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा.
ब्रिटेन में लोग किताबों की दुकानों के आगे बोरिया-बिस्तर लेकर अभी से बैठ गए हैं. हैरी की दीवानगी से अमरीका भी अछूता नहीं है.
लेकिन अमरीकी अख़बारों में उपन्यास के बाज़ार में आने से पहले ही समीक्षा और कुछ अंश छपने पर रोलिंग ने गहरी नाराज़गी जताई है.
जेके रोलिंग ने कहा, ''उन्हें इस बात से काफ़ी धक्का पहुँचा है कि न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कुछ अख़बारों ने उपन्यास के बाज़ार में आने से पहले ही इसकी समीक्षा छाप दी. ''
उन्होंने कहा कि ऐसा करना करोड़ों पाठकों की इच्छा का अपमान है. रोलिंग ने कहा, ''अमरीकी अख़बारों के इस कारनामे से ख़ासकर बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा जो हैरी पॉटर के भाग्य के बारे में समय के साथ ख़ुद जानना चाहते थे.''
रोलिंग ने अपने बयान में उन अख़बारों, किताब विक्रेताओं और दूसरे लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने सब्र से काम लिया है और इसके रहस्य को उपन्यास पढ़ने की चाह रखने वाले पाठकों के लिए बचाए रखा.
रोलिंग की अपील
उन्होंने वेबसाइट पर जारी एक अपील में कहा, ''पाठकों को प्रेस और इंटरनेट पर आ रही अफ़वाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. जो लोग ख़ुद को हैरी पॉटर का प्रशंसक कहते हैं वे दूसरे लोगों के लिए इसके रहस्य को बनाए रखने में मदद करें. कुछ ही समय में सब कुछ सबके सामने होगा.''
ब्रिटेन में इस उपन्यास के प्रकाशक ब्लूम्सबरी ने बताया कि कुछ प्रतियाँ अमरीका पहले ही भेज दी गई थीं.
उपन्यास के अमरीकी प्रकाशक स्कूलास्टिक ने समय से पहले ही उपन्यास की प्रति भेजने पर ऑनलाइन रिटेलर डीपडिस्काउंट.कॉम के ख़िलाफ़ मुक़दमा कर दिया है.
इंटरनेट के माध्यम से ख़रीदारी की साइट ई-बे पर उपन्यास उपलब्ध थे. इसके अलावा उपन्यास के कुछ पन्नों की तस्वीरें लेकर उन्हें इंटरनेट पर भी लोड कर दिया गया है.
ब्लूम्सबरी का कहना है कि पहले से ही बिक्री से वह हतोत्साहित है. जबकि 93 देशों के प्रकाशकों ने बिक्री के लिए पहले ही तय समयसीमा बता दी थी.
इस बीच, पूरे विवाद पर न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि उपन्यास की कॉपी बुधवार को शहर के एक स्टोर से ख़रीदी गई थी और हमारी नीति है कि एक बार किताब बिकने लगे तो उसकी समीक्षा करने में कुछ भी ग़लत नहीं है.
अख़बार के किताब और नाटक संपादक रिक लेमैन ने कहा, ''प्रकाशकों को किताब की बिक्री में मदद करना हमारा काम नहीं है.''