सोमवार, 16 जुलाई, 2007 को 10:32 GMT तक के समाचार
दुर्गेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
इस साल प्रदर्शित निर्देशक विपुल शाह की फ़िल्म ‘नमस्ते लंदन’ को ऑस्कर लाइब्रेरी के लिए चुना गया है. इसका उपयोग सिनेमा के छात्रों को पढ़ाने में होगा.
इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट को एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स लाइब्रेरी में रखा जाएगा.
‘नमस्ते लंदन’ ने इस साल काफ़ी अच्छा कारोबार करते हुए साल की हिट फ़िल्मों की सूची में अपना नाम पहले ही दर्ज करा लिया है.
फ़िल्म में अक्षय कुमार के साथ कैटरीना कैफ़ ने अभिनय किया है.
फ़िल्म की कहानी का केंद्रीय पात्र एक पंजाबी लड़का है जिसे लंदन की एक लड़की से प्यार हो जाता है और शादी करके वह लंदन पहुँच जाता है.
फिर वह कड़वी सच्चाई से रूबरू होता है लेकिन तमाम बाधाओं के बाद आखिरकार वो अपने प्यार को पाने में कामयाब होता है.
विपुल ने बीबीसी से अपनी खुशी बाँटते हुए कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है. फ़िल्म दर्शकों को पसंद आई और इसने अच्छा कारोबार भी किया. आखिर में ऑस्कर लाइब्रेरी में जगह मिलना बड़ी उपलब्धि है.”
जुगलबंदी
अक्षय कुमार के साथ ये उनकी तीसरी फ़िल्म है.
‘नमस्ते लंदन’ में काम करने से पहले अक्षय विपुल की पहली निर्देशित फ़िल्म आँखें और ‘वक़्त-रेस अगेंस्ट द टाइम’ में भी काम कर चुके हैं.
विपुल कहते हैं, “अक्षय ने मुझ पर तब भरोसा किया जब मैं संघर्ष कर रहा था. मैं उनका शुक्रगुज़ार हूँ.”
ऑस्कर की लाइब्रेरी में जगह मिलने के बाद ‘नमस्ते लंदन’ अब मशहूर हॉलीवुड फ़िल्मों ‘फाइंडिंग नेमो’, ‘मिलियन डॉलर बेबी’ और ‘द पैशन ऑफ द क्राइस्ट’ की श्रेणी में आ गई है.
पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड की फ़िल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी शुरु हो गई है.
‘नमस्ते लंदन’ से पहले करण जौहर की ‘कल हो ना हो’, संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ और आमिर ख़ान की ‘लगान’ को भी ये सम्मान मिल चुका है.