बुधवार, 04 जुलाई, 2007 को 10:46 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, राजस्थान
कजरी नाम पर दो अलग-अलग फ़िल्मों के एक मामले में राजस्थान में जोधपुर की एक अदालत ने आदेश दिया है कि निर्माता अलू अरविंद और निर्देशक एआर मुरुगदास अपनी फ़िल्म का नाम ‘कजरी’ नहीं रखेंगे.
इस फ़िल्म में आमिर ख़ान मुख्य भूमिका में हैं.
अदालत ने एसोसिएशन ऑफ़ मोशन पिक्चर्स एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर को भी आदेश दिया है कि वो इस नाम से नई फ़िल्म का पंजीकरण न करें.
हालाँकि आमिर ख़ान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे 'कजरी' नाम की किसी फ़िल्म में अभिनय नहीं करेंगे.
याचिका
राजस्थान के फ़िल्म वितरक नीता फ़िल्म्स ने अदालत में एक याचिका दायर कर कहा था कि जय ठाकुर और हैदर काज़मी की फ़िल्म ‘कजरी’ के वितरण अधिकार उनके पास हैं और यह फ़िल्म शीघ्र रिलीज़ होने वाली है.
उन्होंने याचिका में कहा था कि आमिर ख़ान जिस फ़िल्म में अभिनय कर रहे हैं उसे ‘कजरी’ नाम से चलाए जाने की इजाज़त नहीं दी जाए, क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा.
अदालत ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष ‘कजरी’ नाम से फ़िल्म नहीं बनाएगा और न ही इस नाम का प्रचार-प्रसार करेगा.
नीता फ़िल्म्स के अधिवक्ता अशोक जोशी का तर्क था कि ‘कजरी’ फ़िल्म रिलीज़ होने वाली है और ऐसे में अगर इसी नाम से कोई और फ़िल्म आती है तो नीता फ़िल्म्स के व्यापारिक हितों को नुकसान पहुँचेगा.
विवाद
दरअसल, गत 17 मई को मुंबई से मीडिया में आई कुछ ख़बरों में कहा गया था कि मशहूर तमिल फ़िल्म ‘ग़ज़नी’ को हिंदी में ‘कजरी’ नाम से बनाया जा रहा है.
इस पर नीता फ़िल्म्स ने अदालत में याचिका दायर कर इस नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की थी.
जय ठाकुर और हैदर काज़मी की ‘कजरी’ रेगिस्तान की सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें औरत के प्रति सामाजिक यथार्थ की घटना को पर्दे पर उतारा गया है.