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सोमवार, 02 जुलाई, 2007 को 13:45 GMT तक के समाचार

दुर्गेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, मुंबई

हुनरमंद गायकों को देख अच्छा लगता है: उदित

पार्श्व गायक उदित नारायण इन दिनों 'इंडियन आइडल' में जज की भूमिका में हैं और उनका कहना है कि इतने सारे प्रतिभाशाली युवा गायकों को देख कर अच्छा लगता है.

हिंदी फ़िल्मों में अपनी ख़ास पहचान बना चुके उदित नारायण पहली बार किसी टैलेंट हंट शो में जज की भूमिका निभा रहे हैं.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने अपने इस नए रोल के साथ-साथ जीवन के कई पहलुओं पर भी बात की.

उदित नारायण ने पार्श्व गायन में जब से अपना सफ़र शुरु किया वो सिलसिला बीच में कभी थमा नहीं.

उनसे जब मैने पूछा कि किसी के गायन को जज करते हुए कैसा लगता है, तो अपनी चिरपरिचित मुस्कान के साथ उन्होंने कहा, "देखिए मैं पहले तो बड़ा डरा हुआ था कि पता नहीं कैसे क्या होगा, लेकिन बाद में जब शुरु किया तो धीरे-धीरे सब आसान हो गया. अच्छा लगता है जब इतने हुनरमंद बच्चे इस माध्यम से सामने आते हैं."

पापा कहते हैं

दिलचस्प बात ये है कि जहाँ एक ओर उदित सोनी पर 'इंडियन आइडल' में जज बने हुए हैं, वहीं उनके बेटे आदित्य ज़ी टीवी के मशहूर टैलेंट शो 'सा रे गा मा' में एंकर की भूमिका में हैं.

आदित्य के बारे में पूछे जाने पर उदित की आँखों में चमक आ जाती है.

वो कहते हैं, "बड़ी खुशी होती है कि आदित्य अपने इस नए काम को इतनी गंभीरता से लेता है. बस अब आप लोग उसे आशीर्वाद दीजिए कि वो एक कामयाब और बेहतरीन इंसान बन सके."

उदित नारायण की सबसे पहली कामयाब फ़िल्म 'क़यामत से क़यामत तक' थी और इसका गाना 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा' ज़बर्दस्त हिट हुआ था.

यह पूछे जाने पर कि अब वो आदित्य से क्या उम्मीद करते हैं, उदित थोड़ा गंभीर लहज़े में बोले, "पिता होने के नाते मैं बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि वो एक अच्छा इंसान बने."

मेहनत को सलाम

उदित ने कहा, "मैं किसान का बेटा हूँ, मैने यहाँ तक पहुँचने के लिए काफ़ी संघर्ष किया है. मेरी आज भी कोशिश रहती है कि अपने काम को पूरी मेहनत और ईमानदारी से करूँ."

फ़िल्म इंडस्ट्री में उदित को आमिर ख़ान की आवाज़ के रुप में देखा जाता है, इस बात को उदित खुद भी स्वीकार करते हैं.

वे कहते हैं, "हाँ. मेरा और आमिर दोनों का कामयाबी का सफ़र 'क़यामत से क़यामत तक' से शुरु हुआ था. बाद में मैने उनके लिए कई फ़िल्मों में गाने गाए जो बेहद सफल रहे."

नया शौक

ऐसे में जबकि भोजपुरी फ़िल्मों की आंधी आई हुई है, उदित नारायण भी अपने हाथ आज़मा रहे हैं.

इस नए शौक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "एक बार मैं और मेरी पत्नी दीपा किसी कार्यक्रम के सिलसिले में मॉरीशस में थे. वहाँ हमने देखा कि एक बड़ी आबादी है जो भोजपुरी सभ्यता और बोली को आज भी ज़िंदा रखे हुए है, वहीं मेरी पत्नी के दिमाग में ये विचार आया कि क्यों न एक भोजपुरी फ़िल्म बनाई जाए."

उदित आगे कहते हैं, "फिर हमने बनाई 'होई गवनवा हमार' जो काफ़ी हिट रही. और ये सिलसिला चल पड़ा. अभी हमारी नई फ़िल्म 'कब कहब तू आई लव यू' दर्शकों के सामने है."

अपने इस दो दशकों से भी ज़्यादा के करियर में उदित नारायण ने बॉलीवुड की ढेर सारी फ़िल्मों में गाने गाए हैं. सफलता का यह मुकाम हासिल करने के बाद भी वो सादा जीवन जीना पसंद करते हैं.

उनका कहना है, "सादगी ही तो असली पूंजी है."