शुक्रवार, 08 जून, 2007 को 14:40 GMT तक के समाचार
अब से चौंतीस साल पहले राजकपूर की फ़िल्म बॉबी में सोलह साल की एक लड़की ने दर्शकों ने का दिल जीत लिया.
कमसिन लड़के और लड़की की इस प्रेमकहानी ने बॉक्स ऑफ़िस पर तो तहलका मचाया ही कई पुरस्कार भी हासिल किए.
राजेश खन्ना से शादी के बाद डिंपल कपाड़िया ने अपने सूरज की तरह चढ़ते करियर को अलविदा कह दिया और घरगृहस्थी की बागडोर संभाल ली.
सत्ताईस वर्ष की उम्र में वह दोबार रुपहले परदे पर लौटीं और सागर में एक बार फिर दर्शकों ने उनकी और ऋषि कपूर की जोड़ी को देखा.
पत्नी, माँ और फिर नानी
दो बच्चियों की माँ डिंपल की सुंदरता तब भी अदभुत थी और आज पचास साल की उम्र और एक बच्चे की नानी बनने के बाद भी उसमें ढलाने के कोई आसार नहीं हैं.
डिंपल ने अपने पूरे फ़िल्मी जीवन में गिनीचुनी फ़िल्में कीं.
रुदाली, बीईंग साइरस, दिल चाहता है, प्यार में ट्विस्ट, काश, इंसाफ़, लावा, ज़ख़्मी औरत, बनारस और मृत्युदाता उनकी कुछ ऐसी फ़िल्में हैं जिन्हें दर्शकों और समीक्षकों दोनों की भरपूर प्रशंसा मिली.
सौंदर्य के साथ एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में उन्हें पहचान मिली.
शशिलाल नायर की लोलिता पर आधारित एक नई फ़िल्म पर भी सबकी नज़रें हैं जिसमें डिंपल एक ऐसे व्यक्ति की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं जिसके एक कमउम्र की लड़की से यौन संबंध हैं.
डिंपल का जन्म आठ जून, 1957 को मुंबई में हुआ. उनके परिवार के कई सदस्यों ने फ़िल्मों में भाग्य आज़माया.
पति राजेश खन्ना के अलावा उनकी बहन सिंपल, बेटियाँ ट्विंकल और रिंकी और दामाद अक्षय कुमार सभी इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं.
डिंपल ने पाँच फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार हासिल किए और रुदाली के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया.