गुरुवार, 15 मार्च, 2007 को 13:02 GMT तक के समाचार
दुर्गेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
मेघना गुलज़ार की फ़िल्म 'जस्ट मैरिड' की कहानी भले ही 'अरेंज्ड मैरिज' के विषय पर आधारित हो लेकिन इस फिल्म के नायक फ़रदीन ख़ान को ऐसी शादी से बहुत डर लगता है.
'जस्ट मैरिड' फ़िल्म की कहानी पूरी तरह से 'अरेंज्ड मैरिज' के बारे में है जिसमें लड़का और लड़की दोनों शादी से पहले एक दूसरे से अनजान रहते हैं.
और एक दिन अचानक दोनों शादी के अटूट बंधन में बाँध दिए जाते हैं. ऐसी शादी के बाद दोनों के जीवन में क्या तब्दीलियाँ आती हैं, यही मेघना गुलज़ार की इस फ़िल्म की कहानी है.
फ़रदीन ख़ान ने बीबीसी के साथ एक बातचीत में बताया कि जब पहली बार मेघना ने उन्हें इस रोल के बारे में बताया तो वो थोड़े से घबराए लेकिन बाद में पूरी कहानी सुनने के बाद उन्हें ये 'कैरेक्टर' बेहद पसंद आया.
वो कहते हैं, " मैं इस फ़िल्म में अभय का कैरेक्टर निभा रहा हूँ जो एक आधुनिक ख़यालों वाला लेकिन उसूल पसंद लड़का है. शुरु में तो मुझे थोड़ी घबराहट हो रही थी लेकिन बाद में इसे करने में मज़ा आने लगा."
भूमिका
पहली बार किसी महिला निर्देशक के साथ काम करने का अनुभव बताते हुए फ़रदीन कहते हैं, " मेघना एक बहुत ही संज़ीदा और मेहनती लड़की है. उन्हें पता होता है कि अपने कलाकार से उन्हें क्या चाहिए और सबसे अच्छी बात तो ये है कि वो अपना धैर्य कभी नहीं खोतीं. "
'जस्ट मैरिड' में अपनी सहयोगी अभिनेत्री ईशा देओल के बारे में फ़रदीन कहते हैं कि उनका चेहरा काफ़ी फोटोज़ेनिक है. एक साथ हमारी ये तीसरी फ़िल्म है. वो अपने काम को गंभीरता से लेती हैं.
सबसे दिलचस्प बात जो हमें फ़रदीन ने बताई वो यह कि उन्होंने भले ही इस फ़िल्म में एक अरेंज्ड मैरिज करने वाले युवक की भूमिका निभाई हो लेकिन उन्हें निज़ी जीवन में ऐसा करने में डर लगता है.
फ़रदीन हँसते हुए कहते हैं, " मेरी और नताशा की लव मैरिज थी और हम एक दूसरे से बख़ूबी वाक़िफ़ थे. हमें एक दूसरे से प्यार था. "
"मेरे लिए बड़ी मुश्किल होती अगर किसी ऐसी लड़की से मुझे शादी करनी पड़ती जिसे मैं पहले से न जानता होता. "
ये पूछे जाने पर कि क्या वजह है कि 'इंडस्ट्री' में इतना वक्त गुज़ारने के बाद भी उन्हें वो मुकाम शायद नहीं मिल सका है जो मिलना चाहिए. फ़रदीन हँसते हुए कहते हैं, "सब कुछ ऊपर वाले के हाथ में है. मैं केवल मेहनत कर सकता हूँ. "
फ़रदीन क्रिकेट के ज़बर्दस्त फैन हैं. ऐसे में जब कि पूरी दुनिया में वर्ल्ड कप का बुखार छाया हुआ है, फ़रदीन कहते हैं, "मैं सारे मैच तो नहीं देख पाउंगा लेकिन इंडिया के सभी मैच ज़रुर देखूँगा.
भारतीय क्रिकेट टीम को शुभकामना देते हुए वो सिर्फ़ इतना कहते हैं कि विश्व कप को वापस लाओ.