मंगलवार, 06 फ़रवरी, 2007 को 18:43 GMT तक के समाचार
गुज़रात के लोग राज्य में 2002 में हुए दंगों पर आधारित फ़िल्म परज़ानिया नहीं देख पाएंगे क्योंकि राज्य के सिनेमाघर मालिकों ने इसे नहीं दिखाने का फ़ैसला किया है.
सिनेमाघर मालिकों को डर है कि अगर ये फ़िल्म दिखाई गई तो तोड़ फोड़ हो सकती है. हालांकि अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त जे महापात्रा ने सभी सिनेमाघरों को सुरक्षा का आश्वासन दिया था
फ़िल्म की स्क्रीनिंग के बारे में फ़िल्म के निर्देशक राहुल ढोलकिया और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के सदस्यों की बीच बैठक हुई जिसमें मल्टीप्लेक्स मालिकों ने ढोलकिया से कहा कि वो ये फ़िल्म नहीं दिखा सकते.
उल्लेखनीय है कि यह फ़िल्म पूरे भारत में 26 जनवरी को रिलीज़ हुई लेकिन गुजरात में इसे रिलीज़ नहीं किया गया था.
इस फ़ैसले के बाद ढोलकिया का कहना था ' मैं बहुत खिन्न हूं. यह कहानी एक गुजराती लड़के की है. जब पूरा देश ये फ़िल्म देख सकता है तो गुजरात के लोग क्यों नहीं देख सकते.'
गुजरात के ही निवासी ढोलकिया कहते हैं ' मुझे यह नहीं समझ में आ रहा है कि एक फ़िल्म से धर्मनिरपेक्ष गुजरात की चूलें कैसे हिल जाएंगी.'
उनका कहना था कि सिनेमाघर मालिकों को डर है कि कुछ लोग सिनेमाघरों में तोड़फोड़ कर सकते हैं इसलिए वो ये फ़िल्म नहीं दिखा रहे हैं.
गुजरात के अधिकतर सिनेमाघर अहमदाबाद, राजकोट और वड़ोदरा में हैं और इनमें से किसी भी स्थान पर ये फ़िल्म नहीं दिखाई जाएगी.
बजरंग दल ने पूर्व में धमकी दी थी कि अगर ये फ़िल्म हिंदू भावनाओं को आहत करती हो तो इसे गुजरात में दिखाने नहीं दिया जाएगा.
ढोलकिया ने सिनेमाघर मालिकों को ये फ़िल्म विशेष रुप से दिखाई थी लेकिन जब सिनेमाघर मालिकों ने कहा कि ये फ़िल्म बजरंग दल नेताओं को भी दिखाई जाए तो ढोलकिया इसके लिए तैयार नहीं हुए.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले आमिर खान अभिनीत फ़ना के साथ भी ऐसा ही हुआ था.