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शनिवार, 20 जनवरी, 2007 को 17:28 GMT तक के समाचार

आँगन के पारःनारी शक्ति के कई अलग-अलग पहलू

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ट्रस्ट और बीबीसी हिंदी की साझा प्रस्तुति है आँगन के पार. एक कार्यक्रम जिसमें ग्रामीण महिलाओं के सरोकारों पर चर्चा होती है.

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आँगन के पार: नौवीं कड़ी

आंगन के पार कार्यक्रम की नौवीं कड़ी में चर्चा विश्व एडस दिवस पर इस समस्या की. भारत मे बावन लाख लोग एचआईवी/एड्स के साथ जी रहे है.

आँगन के पार: नौवीं कड़ी

ये संख्या बढती जा रही है.सरकार ने अपने लिए ये लक्ष्य रखा है कि 2007 तक वो इस बढती संख्या पर पूरी तरह काबू पा लेगी.

लेकिन आज भी जो लोग इस बिमारी के साथ जी रहे है उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है समाज मे बेझिझक अपनी स्थिती के बारे में बात करने की.

आज भी उन्हे भेद भाव का शिकार होना पड़ रहा है. विश्व एडस दिवस के लिए तैयार दो विशेष कार्यक्रमो की दूसरी और अंतिम कड़ी आपके सामने प्रस्तुत है.

चर्चा मे भाग ले रहे एक एचआईवी पॉजिटिव दंपति और राष्ट्रीय एड्स कंट्रोल संस्थान की महानिदेशक सुजाता राव.

आँगन के पार: दसवीं कड़ी

आँगन के पार की दसवीं कड़ी मे चर्चा क़ानून और महिलाओ की. जानेंगे कि क्या महिलाओ के अधिकारों की रक्षा के लिए बने ये क़ानून उन्हें सशक्त बनाते हैं.

आँगन के पार: दसवीं कड़ी

दहेज विरोधी क़ानून बने दशकों बीत गए फिर भी आज तक ये एक समस्या है. आख़िर कौन सी कड़ी कमज़ोर रह गई है.

चर्चा में भाग ले रही है वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कवंलजीत देओल, जानीं-मानीं वकील कीर्ति सिंह और दहेज विरोधी क़ानून के तहत मामला दर्ज करने वाली चंद पहले लोगों में से एक सत्य रानी चड्ढा.

प्रस्तुत कर रही हैं अनुराधा प्रीतम.

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आंगन के पार की सातवीं और आठवीं कड़ी

आंगन के पार की पाँचवीं और छठी कड़ी

आंगन के पार की तीसरी और चौथी कड़ी

आंगन के पार की पहली और दूसरी कड़ी