शनिवार, 23 दिसंबर, 2006 को 17:42 GMT तक के समाचार
कोमल नाहटा
वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार
ये बात तो अभी टॉप सीक्रेट रखी जा रही है लेकिन जो जानकारी मिल रही है उससे पता चला है कि फ़ना के बाद काजोल को ध्यान में रखते हुए एक और कहानी लिखी जा रही है.
इस फ़िल्म में काजोल के हीरो भी तय हो गए हैं. जी हाँ, आमिर के बाद इस बार बारी है शाहरुख़ ख़ान की.
वही शाहरुख़ जिनकी और काजोल की जोड़ी एक समय बॉलीवुड की सबसे सफल जोड़ियों में से एक मानी जाती थी.
ये फ़िल्म कुछ महीनों तक तो शुरू नहीं होगी क्योंकि अभी उसके स्क्रीनप्ले पर काम चल रहा है. कौन बना रहा है ये फ़िल्म? अभी ये पता नहीं चल पाया है.
क्योंकि जैसा कि मैंने पहले कहा- ये बात अभी टॉप सीक्रेट है. लेकिन इसका मतलब ये है कि काजोल और शाहरुख़ के प्रशंसक उन्हें साथ-साथ एक बार फिर देख पाएँगे. वर्ष 2007 में या फिर वर्ष 2008 में.
गुरु से नाराज़ विद्या बालन
जब विद्या बालन ने मणिरत्नम की गुरु साइन की थी तब बहुत ख़ुश थीं. लेकिन गुरु के प्रमोशन में विद्या की फोटो तक नज़र नहीं आ रही.
तो परिणीता की नायिका सोच रही हैं कि कहीं उन्होंने गुरु साइन करके कोई ग़लती तो नहीं कर दी. ख़ासकर इसलिए क्योंकि परिणीता के बाद उनकी लगे रहो मुन्नाभाई भी सुपरहिट रही थी.
परिणीता के साथ-साथ लगे रहो....में भी उनके काम की काफ़ी तारीफ़ हुई थी. अब आपका ये सोचना तो उचित ही है कि विद्या मणिरत्नम से गुरु की पब्लिसिटी और पोस्टरों में जगह ना मिल पाने पर बात क्यों नहीं करतीं.
लेकिन आप शायद ये नहीं जानते कि कुछ निर्माता-निर्देशक ऐसे होते हैं जिनसे सवाल-जवाब नहीं किए जाते. मणिरत्नम उनमें से एक हैं.
जेपी दत्ता भी एक और ऐसे ही निर्माता-निर्देशक हैं जिनसे एक्टर बात करने से कतराते हैं.
ब्लैक एंड व्हाइट में सुभाष के सुर
सुभाष घई ने इतनी सारी फ़िल्में बनाई हैं लेकिन किसी भी फ़िल्म के संगीत पर इतने लंबे समय तक काम नहीं किया होगा जितना उन्होंने उनकी नई फ़िल्म ब्लैक एंड व्हाइट के लिए किया है.
इस फ़िल्म में गायक सुखविंदर सिंह ने संगीत दिया है. शो मैन कहे जाने वाले सुभाष घई साहब पिछले एक साल से इस फ़िल्म के संगीत पर सुखविंदर के साथ काम कर रहे हैं.
अब जाकर इस फ़िल्म के गाने रिकॉर्ड हो रहे हैं. सुभाष घई गदगद हैं और सुखविंदर की बड़ाई करते नहीं थकते. आप भी पढ़िए सुभाष घई की उक्तियाँ- सुखविंदर ने बहुत मेहनत की है और बेहतरीन संगीत दिया है.
सुभाष घई की ब्लैक एंड व्हाइट में अनिल कपूर के साथ हैं शेफ़ाली छाया शाह. इनके अलावा सुभाष गई एक नए लड़के और एक नई लड़की को इस फ़िल्म में ब्रेक देंगे. ये कौन होंगे- आप भी कीजिए इंतज़ार.
अर्जुन की व्यस्तता
अर्जुन रामपाल फ़िल्म निर्माण के काम लेकर पछता रहे हैं या नहीं- ये तो नहीं पता लेकिन उनकी बीवी मेहर ज़रूर ख़फ़ा होंगी.
बतौर निर्माता अपनी पहली फ़िल्म आई सी यू के पोस्ट प्रोडक्शन काम में अर्जुन रामपाल ऐसे उलझे हैं कि उन्हें अपने बीवी-बच्चों के लिए समय नहीं मिल पा रहा.
अर्जुन की डेट्स डायरी में रिकॉर्डिंग स्टूडियो, ट्रायल थियेटर और ऐसी कई जगहों के नाम भरे पड़े हैं. इसके अलावा फ़िल्म के प्रोमोशन पर भी अर्जुन जम कर काम कर रहे हैं.
प्रोमोशन के लिए अर्जुन रामपाल ख़ुद इंटरव्यू दे रहे हैं. और ऐसी स्थिति में थके-हारे अर्जुन जब रात को घर लौटेंगे, तो पत्नी के व्यंग्य बाणों का तो उन्हें सामना करना ही पड़ेगा और शायद मेहर ये भी कह दें- आजकर आई डोन्ट सी यू.
दो नावों में सवार गोविंदा
गोविंदा को दो नावों में सवार होना मुश्किल लग रहा होगा. ऐसा लगता है कि उनकी वापसी वाली फ़िल्म भागमभाग से उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बहुत परेशान होंगे.
इसलिए मीडिया में आजकल गोविंदा की राजनीति को लेकर कई ख़बरें आ रही हैं. कहा जा रहा है कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ही इसके पीछे हैं.
वैसे भी चीं-चीं भैया ने राजनीति में ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे उनकी वाह-वाह हो. भागमभाग की रिलीज़ के दिन गोविंदा ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस का आयोजन किया.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में फ़िल्म के अलावा गोविंदा अपने राजनीतिक विरोधियों पर भी जम कर बरसे. लेकिन चीं-चीं भैया उनका क्या जिन्हें वाकई आपकी राजनीतिक पारी से कोई फ़ायदा नहीं हुआ.
लारा की आर्ट ऑफ़ लीविंग
लारा दत्ता और उनके प्रेमी केली दोरजी ने ना सिर्फ़ आर्ट ऑफ़ लीविंग का कोर्स किया है बल्कि कभी-कभी ये दोनों इस पर क्लास भी देते हैं.
लारा की फ़िल्मों की वजह से उन्हें ज़्यादा समय नहीं मिलता, लेकिन केली कई बार आर्ट ऑफ़ लीविंग सिखाते देखे गए हैं.
मुंबई में आर्ट ऑफ़ लीविंग की काफ़ी क्लास होती हैं और आजकल ऐसी क्लास में बड़े-छोटे बहुत लोग दिखाई देते हैं.
शाबाश श्रेयस
श्रेयस तलपड़े ने पिछले दिनों दो नेक काम किया. पहले तो वे अपनी बीवी के साथ अपने स्कूल के एक फंक्शन में गए. उनके स्कूल में बच्चों के लिए एक ख़ास कार्यक्रम रखा गया था.
और इस स्कूल के प्रिंसिपल ने श्रेयस से आने का ख़ास अनुरोध किया था. इसके अलावा कैंसर पीड़ितों के लिए एक कार्यक्रम में भी बतौर अतिथि श्रेयस पहुँचे.
फ़िल्मी दुनिया में इक़बाल के नाम से चर्चित श्रेयस ने अपने शूटिंग में से समय निकाला और वहाँ पहुँचे भी.