शनिवार, 02 दिसंबर, 2006 को 13:44 GMT तक के समाचार
पॉप स्टार मैडोना ने उच्च न्यायालय के उस निर्णय को स्वीकार कर लिया है जिसके तहत मलावी के मानवाधिकार संगठन उन पर एक अफ्रीकी बच्चे को गोद लेने के मामले में नज़र रखेंगे.
मैडोना ने अभी हाल में ही मलावी में एक बच्चे को गोद लिया था और यह पूरा मामला विवादों के घेरे में आ गया था क्योंकि कुछ अफ़्रीकी संस्थाओं का कहना था कि मैडोना किसी अफ़्रीकी देश में नहीं रहती इसलिए उन्हें अफ्रीकी बच्चा गोद लेने का क़ानूनी अधिकार नहीं है.
मैडोना के इस बच्चे को गोद लेने पर आपत्ति जाहिर कर रहे इन संगठनों ने एचआरसीसी नाम का एक गठबंधन भी बनाया था.
अब इस मामले में अदालत का यह निर्णय आने के बाद मलावी के 67 संगठनों का गठबंधन इस मामले में हो रही न्यायिक समीक्षा में भाग ले सकेगा.
इसी वर्ष अक्टूबर में अमरीकी गायिका मैडोना को डेविड बांडा नाम के इस बच्चे को अगले 18 महीने तक अपने साथ रखने और बच्चे को मलावी से बाहर ले जा सकने की अंतरिम अनुमति मिल गई थी.
न्यायालय के आदेश के तहत कहा गया था कि डेविड अगले 18 महीने मैडोना के साथ रहेगा और इस दौरान मलावी के अधिकारी उन पर नज़र रखेगे.
चिंता
दरअसल ये मानवाधिकार संगठन इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं मलावी सरकार मैडोना जैसी ख्याति प्राप्त शख्सियतों के संदर्भ में तेज़ी से फैसला देने के प्रयास में क़ानून पहलुओं की अनदेखी न कर दें.
इस 14 महीने के अफ्रीकी बच्चे को गोद लेने का मामला सामने आने के बाद ही दुनियाभर में बहस का मुद्दा बन गया था. हालांकि मैडोना ने गोद लेने के इस मामले में क़ानूनी प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए धन-सम्पत्ति और अपनी प्रतिष्ठा का प्रयोग करने से इनकार किया है.
विवादों से घिरी रहने वाली मैडोना के वकील ऐलेन चिनूला का कहना है, "हम गोद लेने की प्रक्रिया में क़ानून का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि गोद लेने के इस मामले को प्रयोग के तौर पर देखा जा सकता है और इससे एक देश से दूसरे देश में बच्चा गोद लिए जाने के मुद्दे पर एक दिशा-निर्देश तय करने में मदद मिल सकती है.
उधर इस बच्चे के पिता ने समाचार एजेंसी एपी से कहा है कि वो आशा करते हैं कि इस मामले से क़ानून में कुछ संशोधन किए जा सकेंगे जिसके बाद विदेशी लोग मलावी बच्चों को आसानी से गोद ले सकेंगे.