गुरुवार, 23 नवंबर, 2006 को 11:18 GMT तक के समाचार
भारत में 37 वां अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव गोवा में गुरुवार को शुरू हो गया.
मशहूर अभिनेता शशि कपूर ने महोत्सव की शुरुआत की और अभिनेत्री विद्या बालन ने दीप प्रज्ज्वलित करने में उनकी मदद की.
अभिनेता अनिल कपूर और वेंकटेश समारोह के मुख्य अतिथि थे.
ग्यारह दिनों तक चलने वाले इस समारोह में 48 देशों और विभिन्न भाषाओं की तकरीबन 200 फ़िल्में दिखाई जाएँगी.
महोत्सव में भारतीय सिनेमा जगत के दो महान कलाकारों पृथ्वीराज कपूर और सचिन देव बर्मन को श्रद्धांजलि दी जाएगी.
इसके अलावा पिछले एक वर्ष में जिन ग्यारह कलाकारों की मौत हो गई, उन्हें भी याद किया जाएगा. इनमें नादिरा, नौशाद अली, हृषिकेश मुखर्जी और उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ान शामिल हैं.
महोत्सव में सबसे पहले स्पेन के पेद्रो अल्मोदोवेर की फ़िल्म ‘वोल्वर’ और अंत में अमरीकी निर्देशक अल्जेंद्रो गोंजालेज की ‘बाबेल’ दिखाई जाएगी.
दो सौ फ़िल्में
दस दिनों के महोत्सव में विश्व सिनेमा, भारतीय पेनोरमा, रेट्रोस्पेक्टिव सेक्शन, मास्टर क्लास सेक्शन और मेनस्ट्रीम इंडियन सिनेमा के अंतर्गत 200 से अधिक फ़िल्में दिखाई जाएंगी.
विश्व सिनेमा के तहत 48 देशों की 52 फिल्में दिखाने की व्यवस्था की गई हैं.
भारतीय पेनोरमा में फ़ीचर फ़िल्म वर्ग की शुरुआत मृदुल तुलसीदास और विनय सुब्रमण्यम की फ़िल्म ‘मिस्ड कॉल’ से और ग़ैर-फीचर फ़िल्म श्रेणी का आगाज़ अशोक पंडित की फ़िल्म ‘एंड द वर्ल्ड रिमेंड साइलेंट’ से होगा.
दोनों ही श्रेणियों में बीस-बीस फ़िल्में दिखाई जाएंगी.
मेनस्ट्रीम भारतीय सिनेमा की शुरुआत मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी करेंगी और इसके तहत विभिन्न भारतीय भाषाओं की 12 हिट फ़िल्में दिखाई जाएंगी.
सबसे पहले भारत की ओर से ऑस्कर के लिए आधिकारिक रूप से नामित की गई फ़िल्म ‘रंग दे बसंती’ दिखाई जाएगी.