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बुधवार, 25 अक्तूबर, 2006 को 18:34 GMT तक के समाचार

मीडिया से नाराज़ है मैडोना

मैडोना इन दिनों मीडिया से ख़फ़ा हैं. मलावी के एक शिशु को गोद लेने के उनके फ़ैसले के कवरेज ने उनकी नाराज़गी में इज़ाफ़ा कर दिया है.

उन्होंने कहा कि "मीडिया के ऐसे व्यवहार से बच्चों को गोद लेने वाले दूसरे लोग हतोत्साहित होंगे".

उन्होंने कहा कि, 'मीडिया तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर अफ्रीक़ा के लावारिस बच्चों के लिए नाकारात्मक काम कर रहा है'.

मैडोना ने ऑप्रा विनफ़्री के टेलीविज़न कार्यक्रम में अपनी यह नाराज़गी ज़ाहिर की.

उन्होंने कहा, "मेरे बच्चों ने एक साल के इस मेहमान को ख़ुशी-ख़ुशी गले लगाया था".

मैडोना ने डेविड बांडा को गोद लेने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ये टिप्पणियाँ कीं.

गोद लेने का यह मामला पिछले दिनों पूरी दुनिया के मीडिया में सुर्ख़ियों में रहा.

इंग्लैंड से सैटेलाइट के माध्यम से बात करते हुए मैडोना ने कहा, "मैंने पहली बार डेविड को एक डाक्युमेंट्री में देखा था. मैं उसे देखकर प्रभावित हो गई लेकिन मैंने तब तक उसे गोद लेने के संबंध में कुछ नहीं सोचा था".

मैडोना ने कहा, "जब मैं उससे पहली बार मिली तो बह मलेरिया से पीड़ित था इसलिए मैं उसे वहाँ छोड़ना नहीं चाह रही थी क्योंकि उसके लिए वहाँ पर्याप्त उपचार की व्यवस्था नहीं थी".

मैडोना ने कहा, "मैं मलावी की हालात से परिचित हूँ जो किसी भी तरह इमरजेंसी की स्थिति से कम नहीं है".

मैडोना ने कहा कि उनके बच्चे लार्डेस और रोक्को को इस नये मेहमान के आने पर कोई ऐतराज़ नहीं था.

मलावी के मानवाधिकारों से संबंधित 67 संगठनों की कमेटी एक ऐसे क़ानूनी प्रावधानों को लागू कराने पर आमादा हैं जिसके तहत गोद लेने वाले विदेशी आदमी को मलावी में कम से कम डेढ़ साल तक रहना अनिवार्य हो.

इधर डेविड के पिता ने टाइम पत्रिका से कहा कि वे लोग अपने बेटे को वापस लाकर उसका भविष्य ख़राब करना नहीं चाहते.

मैडोना ने कहा, "मीडिया डेविड के पिता को आतंकित कर रहा है. अपनी बात उनके मुंह से कहने की कोशिश कर रहा है".

मैडोना मलावी में चार अनाथालयों को फंड उपलब्ध कराती हैं.