शनिवार, 21 अक्तूबर, 2006 को 12:58 GMT तक के समाचार
कोमल नाहटा
वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार
कभी अपने प्रेम संबंधों तो कभी हिरण शिकार मामले को लेकर विवादों में रहने वाले सलमान ख़ान का एक और भी रूप है.
उनका यह रूप उस समय देखने को मिला जब वो और प्रीति ज़िंटा 'जानेमन' की रिलीज़ से पहले ग़रीब बच्चों से मिलने गए.
इन बच्चों के लिए जानेमन का ख़ास शो रखा गया था. इस आयोजन से मीडिया को दूर ही रखा गया था क्योंकि इन्हें लगा कि मीडिया के आने से बच्चों का मज़ा किरकिरा हो जाएगा.
क़रीब एक हज़ार बच्चों ने इस ख़ास शो का मज़ा लिया और प्रीति और सलमान के साथ फोटो भी खिंचवाए. इनमें से कुछ एचआईवी एड्स के मरीज़ भी थे.
प्रीति उनके साथ ख़ूब नाचीं. सलमान ने हर बच्चे के गाल पर पप्पी दी, उन्हें प्यार किया. बच्चों की हालत देखकर सलमान एकबारगी रो भी पड़े.
बच्चे इस ख़ास दिन को वर्षों तक नहीं भुला पाएँगे. कौन कहता है कि हमारे फ़िल्मी सितारों के दिल नहीं होते हैं.
शाहरुख़ ख़ान की दरिया दिली
जब फ़िल्मी सितारों के दिल की बात चली है तो चलिए आपको शाहरुख़ ख़ान की दरिया-दिली का भी क़िस्सा बता दें. शाहरुख़ की डॉन के साथ ही रिलीज़ हुई है जानेमन.
वैसे जब दो बड़ी फ़िल्में एक साथ रिलीज़ होती हैं तो दोनों फ़िल्मों की यूनिट और कलाकारों के बीच तनाव सा रहता है.
लेकिन जब शाहरुख़ ख़ान ने जानेमन देखी तो फ़िल्म के नए निर्देशक शिरीष कुंदर को मुबारकबाद देते हुए कहा, "ये इस साल की सबसे ख़ूबसूरत फ़िल्म है."
अमिताभ बच्चन ने तो शिरीष और उनकी पत्नी फराह ख़ान को लंबी चिट्ठी लिख डाली. इस चिट्ठी में उन्होंने लिखा- एक साधारण कहानी को इतनी अच्छी और नई तरह से पेश किया गया. उन्हें फ़िल्म देखने में खूब मज़ा आया.
ज़ाहिर है दो सुपर स्टारों से इतनी तारीफ़ सुनने के बाद शिरीष और फराह को भी खूब आनंद आया होगा.
फ़रदीन ख़ान हुए 'डबल'....
फ़रदीन ख़ान डबल होना शुरू हो गए हैं, शादी के बाद. सेक्सी ख़ान के नाम से मशहूर फ़रदीन ख़ान काफ़ी मोटे हो गए हैं.
शायद हर दिन बीवी के हाथ का गरमा-गरम खाना खा कर. वैसे देखा जाए तो जबसे फ़रदीन ख़ान की शादी तय हुई थी तब से ही वे थोड़े-थोड़े मोटे होते जा रहे थे.
इसे देखकर उन्हें साइन करने वाले कुछ निर्माताओं ने उन्हें वज़न कम करने की नसीहत भी दी थी.
अभी भी यदि फरदीन खान सात-आठ किलो कम कर लें तो बिल्कुल फ़िट लगने लगेंगे.
कॉफ़ी ब्रेक? ना..ना.. चाय चलेगी!
डीजे और अब फ़िल्म स्टार सोफ़ी चौधरी ने इन दिनों कॉफ़ी पीना बंद कर दिया है. अब आप पूछेंगे कि कॉफ़ी से इतनी दूर क्यों भाग रही हैं सोफ़ी.
दरअसल सोफ़ी की फ़िल्म प्यार के साइड इफेक्ट्स में सोफ़ी और राहुल बोस के बीच कॉफ़ी पीने की बात होती है.
पर ये आप और मैं जो कॉफ़ी समझते हैं वो कॉफ़ी नहीं है. फ़िल्म में कॉफ़ी पीने का मतलब थोड़ा एडल्ट है.
इसलिए अब पार्टियों में जब भी ड्रिंक पीने की बात निकलती है तो सबकी नजर सोफ़ी की तरफ़ मुड़ जाती है और सब देखते हैं कि सोफ़ी कॉफ़ी मांगेगी या कुछ और. वैसे आजकल वो चाय पर ज़ोर देने लग गई हैं.
सूरज ने डाली रोशनी
अगर विवाह के गानों की थोड़ी बहुत निंदा हो रही है तो निर्देशक सूरज बड़जात्या निराश नहीं हैं. उन्हें ऐसी प्रतिक्रियाओं की भनक थी.
सूरज कहते हैं, "जब हम आपके हैं कौन...की ऑडियो कैसेट रिलीज़ हुई थी तब संगीत कंपनी एचएमवी के लोग डर गए थे क्योंकि जनता की प्रतिक्रिया काफ़ी ठंडी थी.
लेकिन फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद कैसेट्स की बिक्री इतनी बढ़ गई थी कि लोगों को यक़ीन ही नहीं हुआ. विवाह के गाने भी फ़िल्म की रिलीज़ के बाद ज़ोर पकड़ेंगे क्योंकि सारे गाने कहानी के साथ जुड़े हैं.
वैसे आप सोच रहें होंगे कि सूरज ने इस फ़िल्म के लिए रवींद्र जैन को कैसे चुना. तो हुआ यह था कि फ़िल्म शुरू करने से पहले सूरज त्रयंबकेश्वर मंदिर गए थे.
जब वे मंदिर में प्रवेश कर रहे थे तब उन्हें लाउड स्पीकर पर उन्हीं के बैनर तले बनी फ़िल्म गीत गाता चल का एक गाना दुकान में बजता सुनाई दिया.
मंदिर से निकलते समय भी उसी फ़िल्म का दूसरा गाना बज रहा था. गीत गाता चल का संगीत रवींद्र जैन ने दिया था. और वहीं पर उन्होंने तय कर लिया कि उनकी नई फ़िल्म में गाने बनाएँगे रवींद्र जैन साहब ही.
गणेश की फ़िल्म और नाचने वाले नहीं...
नृत्य निर्देशक गणेश आचार्य भी निर्देशक बन गए हैं. बड़े-बड़े स्टार्स को नचाने के बाद गणेश फ़िल्म बनाने चले हैं. उनकी पहली फ़िल्म का नाम है स्वामी.
उनकी इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका कोई डांसिग स्टार नहीं बल्की जूही चावला और मनोज बाजपेई निभा रहे हैं.
यह जूही चावला और मनोज बाजपेयी की एक साथ पहली फ़िल्म होगी. इससे पहले नृत्य निर्देशक फराह ख़ान और बीएच तरुण कुमार ने भी फ़िल्में बनाई हैं.
हाल ही में सरोज ख़ान ने भी एक भोजपुरी फ़िल्म का निर्माण किया है.