गुरुवार, 05 अक्तूबर, 2006 को 16:29 GMT तक के समाचार
सलमा ज़ैदी
संपादक, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम
बीबीसी पत्रिका के प्रबुद्ध पाठकों से मार्गदर्शन लगातार मिल रहा है और पत्रिका को बेहतर बनाने में हमारे हाथ मज़बूत कर रहा है.
अब तक मिली प्रतिक्रियाओं से कुछ ऐसा अहसास हो रहा है कि साहित्यिक रुचि वाले पाठकों को तो इस समय उपलब्ध सामग्री से पूरा संतोष मिल रहा है लेकिन कुछ अन्य लोगों की चाह पूरी नहीं हो पा रही है.
अपने युवा पाठकों की ज़रुरतों को ध्यान में रखते हुए हमने सोचा है कि कैरियर संबंधी विषयों की जानकारी भी इस पत्रिका का अभिन्न हिस्सा रहे.
इसके अलावा एक स्तंभ और शुरु किया जा रहा है जो नियमित रूप से हर शुक्रवार आप देख पाएँगे. अब तक शायद यह अंदाज़ा तो हो ही गया होगा कि पत्रिका के नियमित स्तंभ हर शुक्रवार को बदले जाते हैं?
तो यह स्तंभ होगा किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से आपकी बातचीत. यानी किसी ख़ास बीमारी के बारे में हम आपसे आपके सवाल मंगाएँगे और उन्हें किसी जानेमाने डॉक्टर के सामने रखेंगे.
वे डॉक्टर ह्रदय रोग विशेषज्ञ भी होंगे और स्त्रीरोग विशेषज्ञ भी. इनके अलावा मधुमेह, पोलियो, कैंसर और डेंगू जैसी बीमारियों पर आपके सवाल भी आमंत्रित किए जाएँगे.
क़ानूनी दाँवपेच
ऐसा ही प्रयोग विधि विशेषज्ञों के साथ किया जाएगा. यानी आपकी क़ानूनी समस्याओं के जवाब पत्रिका के माध्यम से आप तक पहुँचाए जाएँगे.
इस समय हम इसी प्रक्रिया में व्यस्त हैं और विशेषज्ञों का एक पैनेल तैयार कर रहे हैं जिनसे आपका परिचय कराया जा सके.
वैसे, हम अपना पुराना वायदा भी भूले नहीं हैं. महिलाओं और बच्चों के बारे में सामग्री भी आप शीघ्र ही इन पन्नों पर देख पाएँगे.
तो देखते रहिए, बीबीसी पत्रिका!
(पत्रिका के बारे में अपने सुझाव hindi.letters@bbc.co.uk पर भेजें).