बुधवार, 13 सितंबर, 2006 को 07:15 GMT तक के समाचार
अगर आप सोचते हैं कि सफल मॉडल होने के लिए दुबली-पतली और छरहरी काया होना ज़रुरी है तो आप ग़लत भी हो सकते हैं.
वो इसलिए क्योंकि अब इस धारणा को बदलने की कोशिश शुरु हो चुकी है.
स्पेन के मैड्रिड फ़ैशन शो में उन मॉडलों पर रोक लगा दी गई है जो ज़रुरत से ज़्यादा पतली-दुबली हैं.
इस फ़ैशन शो के आयोजक अब 'बॉडी-मास इंडेक्स' के आधार पर तय कर रहे हैं कि किसी भी मॉडल को शो में भाग लेने दिया जा सकता है या नहीं.
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य उन लोगों को बढ़ावा देने से रोकना है जो अपने स्वास्थ्य को दाँव पर लगाकर दुबले बने हुए हैं.
और इससे भी बड़ा उद्देश्य यह है कि समाज में आने वाली पीढ़ी के सामने स्वस्थ्य और आकर्षक रहने का अच्छा उदाहरण सामने रखा जा सके.
मैड्रिड में प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वे नवयुवतियों के लिए स्वस्थ्य रहने के ज़्यादा सकारात्मक और स्वस्थ्य तस्वीर सामने रखना चाहते हैं.
शुरुआत
हालांकि मैड्रिड फ़ैशन शो की धाक वैसी नहीं है, जैसी पेरिस या न्यूयॉर्क फ़ैशन शो की है, लेकिन मैड्रिड फ़ैशन शो ने इसकी शुरुआत कर दी है.
दरअसल पिछले साल मैड्रिड फ़ैशन परेड के दौरान स्वास्थ्य संगठनों और महिला अधिकार समितियों ने विरोध प्रदर्शन किया था.
उनकी शिकायत थी कि फ़ैशन शो में भाग लेने वाली मॉडल स्वस्थ्य नहीं हैं और वे बेहद दुबली हैं.
इसके बाद सरकार ने एसोसिएशन ऑफ़ फ़ैशन डिज़ाइनर्स से इस पर रोक लगाने को कहा था और एसोसिएशन ने इस माँग को स्वीकार करते हुए दुबली मॉडलों पर रोक लगाने के लिए हामी भरी.
एसोसिएशन का कहना है कि जिस पद्धति से वज़न की जाँच की जा रही है इसके चलते कोई 30 प्रतिशत मॉडल इसमें भाग नहीं ले पाएँगी.
भाग न ले पाने वाली मॉडलों में स्पेन की शीर्ष मॉडल एस्थर कैनाडास भी शामिल हैं जिनका 'बॉडी-मास इंडेक्स' 14 ही निकला.
वज़न
'बॉडी-मास इंडेक्स' या बीएमआई वह तकनीक है जिसमें लंबाई और वज़न का अनुपात निकालकर यह जाना जा सकता है कि किसी व्यक्ति का वज़न संतुलित है या नहीं. यानी वह ज़्यादा दुबला या मोटा तो नहीं है.
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| कोई तीस प्रतिशत दुबली मॉडलों को इस बार भाग लेने से रोक दिया गया है |
यह तकनीक को दुनिया भर में प्रचलित है. लेकिन इस बार इसका उपयोग सिर्फ़ दुबलापन मापने के लिए किया जा रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार किसी भी स्वस्थ्य व्यक्ति का 'बॉडी-मास इंडेक्स' साढ़े अठारह से पच्चीस के बीच होना चाहिए.
जिस भी मॉडल का 'बॉडी-मास इंडेक्स' साढ़े अठारह से कम पाया जा रहा है उसे एसोसिएशन की ओर से फ़ैशन शो में भाग लेने से रोक दिया जा रहा है.
स्वास्थ्य संगठनों का कहना है कि इन फ़ैशन मॉडलों को आदर्श बनाकर नवयुवतियाँ दुबली रहने का प्रयास करती हैं और इसके चक्कर में 'एनोरेक्सिया' और 'ब्यूलिमिया' जैसी बीमारियों का शिकार हो रही हैं.
'एनोरेक्सिया' ऐसी बीमारी है जिसमें वज़न बढ़ जाने के डर से लगातार कम भोजन करने के कारण आख़िरकार खाने के प्रति अरुचि हो जाती है.
इसी तरह से 'ब्यूलिमिया' भी खाने-पीने की अनियमितता से जुड़ी बीमारी है.
इन दोनों बीमारियों के चलते अंत में मौत तक हो सकती है.
स्पेन की 'एनोरेक्सिया' और 'ब्यूलिमिया' एसोसिएशन का कहना है कि यदि डिज़ाइनर्स एसोसिएशन इस तरह के प्रतिबंधों का अपनी मर्ज़ी से पालन नहीं करती हैं तो सरकार को इसके लिए क़ानून बना देना चाहिए.