शुक्रवार, 01 सितंबर, 2006 को 03:51 GMT तक के समाचार
बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान ने कहा है कि भारतीय मीडिया ने उनका 'शोषण' किया है और वही उनकी बिगड़ी छवि के लिए ज़िम्मेदार भी है.
उन्होंने बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि मीडिया एक के बाद एक उनको लेकर सामने आ रहे विवादों का प्रचार करता रहा है.
हालांकि उन्होंने माना कि मीडिया में ही कुछ लोग उनके पक्ष में भी लिखना चाहते थे पर वो ऐसा नहीं कर सके क्योंकि वो लोग कमज़ोर पड़ जाते थे.
अपनी 'बुरे व्यक्ति' वाली छवि के बारे में बात करते हुए वो कहते हैं, "देश का एक व्यवसायी वर्ग ऐसा भी है जो हर चीज़ को नकारात्मक ढंग से सामने लाना चाहता है ताकि वो अपने पत्र-पत्रिकाएँ बेच सकें या फिर टीवी पर टॉप रेटिंग मिल सके."
सलमान ख़ान के ख़िलाफ़ 1998 में जोधपुर में दो चिंकारा को मारने का आरोप है.
आरोपों से नाता
इसके पहले राजस्थान में ही शिकार के एक अन्य मामले में सलमान ख़ान को अप्रैल में दोषी पाया गया था और पाँच साल जेल और 25 हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई थी.
इसके बाद उन्हें दो लाख रुपए के निजी मुचलके और 25 हज़ार रुपए का जुर्माना देने पर जमानत पर रिहा कर दिया गया था. इस मामले में उनकी ओर से दायर अपील की सुनवाई चल रही है.
अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए वो कहते हैं कि न्यायाधीश ने उन्हें केवल इसलिए सज़ा दे दी है क्योंकि वो इससे एक उदाहरण पेश करना चाहते थे.
सलमान कहते हैं, "न्यायाधीश ने लगभग स्पष्ट करते हुए ऐसा खुले तौर पर कहा था. वो मेरे ज़रिए एक उदाहरण पेश करना चाहते थे."
उन्होंने कहा, "चिंकारा जैसे लुप्तप्राय जानवर को कौन जानता था. कहने का मतलब है कि मेरे इस मामले के बाद से कई लोगों को इस जानवर के बारे में पता लगा है."
इसके अलावा उनपर अपने लाइसेंस के बारे में अदालत को ग़लत जानकारी देना और वर्ष 2002 में सलमान ख़ान की कार से हुई ग़ैर इरादतन हत्या का मामला भी चल रहा है.