गुरुवार, 31 अगस्त, 2006 को 04:30 GMT तक के समाचार
न्यूयॉर्क की एक अदालत ने बताया है कि मशहूर संगीत समूह, बीटल्स अपनी रॉयल्टी के लिए एक संगीत कंपनी के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करा सकता है.
अदालत ने बताया है कि समूह संगीत कंपनी ईएमआई पर लगभग ढ़ाई करोड़ डॉलर का दावा ठोक सकता है.
बीटल्स समूह के दुनियाभर में चर्चित गायक सर पॉल मैकार्टनी और समूह के बाकी सदस्यों की ओर से बोलते हुए वकीलों ने बताया कि ईएमआई और उसकी सहयोगी कंपनी कैपिटल रिकॉर्ड्स ने उनके कुछ संगीत रिकॉर्डों पर 'प्रचार हेतु' या फिर 'क्षतिग्रस्त' जैसे लेबल लगाकर उन्हें बेचा ताकि समूह को रॉयल्टी देने से बचा जा सके.
बताया गया कि यह बात तब सामने आई जब कंपनी के खातों की ऑडिट यानी अंकेक्षण किया गया.
इस तरह समूह बिक्री में उनके हिस्से के रूप में मिलने वाली रॉयल्टी से वंचित रहा. उधर ईएमआई का कहना है कि वो इस बारे में की गई अपील पर विचार कर रही है.
हक़ की लड़ाई
समूह की ओर से अपनी रॉयल्टी को लेकर सवाल उठाने का यह पहला मौका नहीं है.
इससे पहले 1980 और 1990 के दशक में भी समूह ने यह सवाल उठाया था जिसके बाद इस कंपनी ने समूह को करोड़ों डॉलर का भुगतान किया था.
समूह इस बात को लेकर भी प्रयासरत है कि उसे अपने संगीत की मूल रिकॉर्डिग को इस्तेमाल करने का अधिकार दिया जाए.
ग़ौरतलब है कि दुनियाभर में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय संगीत समूहों में से एक के रूप में स्थापित होने के बाद 30 वर्ष पहले ही इस संगीत समूह के सदस्य अलग हो गए थे.
इतने वर्षों के बाद भी समूह की लोकप्रियता बनी हुई है और आज भी कई लोग इस समूह के संगीत को ख़रीदते और सुनते हैं.