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गुरुवार, 17 अगस्त, 2006 को 11:34 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी उत्तर प्रदेश संवाददाता

बिस्मिल्लाह ख़ान की तबीयत बिगड़ी

भारत के शहनाई के मशहूर उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान को तबीयत ख़राब होने की वजह से उनके गृह नगर वाराणसी में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान की उम्र 91 वर्ष है.

उनके परिजनों का कहना है कि उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान कुछ कमज़ोर महसूस कर रहे थे. पिछले कुछ दिनों से पाचन में गड़बड़ी की वजह से उन्होंने कुछ ठोस खाना नहीं खाया था.

उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने मीडिया को बताया है कि उन्हें किसी ख़ास क़िस्म की बीमारी नहीं है.

डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान कुछ दिनों में ठीक हो जाएंगे और जल्दी ही शहनाई भी बजाने लगेंगे.

वाराणसी के लोग उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान की सेहत के लिए दुआएँ कर रहे हैं जिनमें हिंदू और मुसलमान दोनों ही समुदायों के लोग हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टी राजेश्वर प्रसाद और मुख्य मुलायम सिंह यादव के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों ने उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल की है.

स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान को सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराने के लिए उनके परिजनों की मदद करें.

उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान अपनी शहनाई कला के लिए दुनिया भर में विख्यात हैं. भारत में शहनाई परंपरागत रूप से शादी-ब्याह और मंदिरों में प्रार्थना के समय बजाई जाती रही है लेकिन उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान ने उसे शास्त्रीय संगीत की एक विधा के रुप में दुनिया के पटल पर पहचान दिलाई.

उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान को उनकी शहनाई वादन कला के लिए देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया जा चुका है.

तमाम नाम और लोकप्रियता के बावजूद उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान वाराणसी में अपने घर में सादा जीवन जी रहे हैं. उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान को भारत की गंगा जमुनी तहज़ीब का प्रतिनिधि समझा जाता है.

वाराणसी में हाल ही में जब संकटमोचन मंदिर में बम धमाके हुए थे तो उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान ने कड़े शब्दों में उसकी निंदा की थी.