सोमवार, 12 जून, 2006 को 13:06 GMT तक के समाचार
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विवादित फ़िल्म 'दा विंची कोड' पर प्रतिबंध लगाने संबंधी दो याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है.
इस फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाने की दो याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं जिनमें से एक 'ऑल इंडिया क्रिश्चियन वैलफ़ेयर एसोसिएशन' की ओर से दायर की गई थी जबकि दूसरी व्यक्तिगत स्तर पर दायर की गई थी.
हालांकि भारत के आधा दर्जन राज्यों में सरकारों ने इस फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा रखी है.
याचिका में कहा गया था कि यह फ़िल्म ईसा मसीह के जीवन को ग़लत ढंग से पेश कर रही है जिससे ईसाई समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस तरह उनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है.
याचिका की सुनवाई कर रहे न्यायाधीशों ने इस दलील से असहमत होते हुए कहा कि फ़िल्म की शुरुआत में ही यह कहा गया है कि यह फ़िल्म कल्पना पर आधारित है, इसके बाद फ़िल्म पर विवाद उठाना अप्रासंगिक है.
न्यायाधीशों ने कहा कि फ़िल्म किसी के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर रही है.
इस फ़िल्म को भारत के क़रीब आधा दर्जन राज्यों को छोड़कर बाकी हिस्सों में प्रदर्शित किया जा रहा है.
भारत में प्रदर्शन से पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कई ईसाई प्रतिनिधियों के साथ इस फ़िल्म को देखा था.
इसके बाद भारतीय सेंसर बोर्ड ने इस फ़िल्म को 'सिर्फ़ वयस्कों' को देखने की अनुमति देते हुए निर्देश दिए थे कि इसके काल्पनिक होने की सूचना के साथ फ़िल्म दिखाई जाए.