गुरुवार, 01 जून, 2006 को 08:38 GMT तक के समाचार
भारतीय राज्य तमिलनाडु की सरकार ने ईसाई धर्मावलंबियों की आपत्ति के मद्देनज़र विवादास्पद फ़िल्म दा विंची कोड के प्रदर्शन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.
पंजाब, गोवा और नागालैंड में भी इस पर रोक लगी हुई है.
डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की नवगठित सरकार ने कहा है कि इस फ़िल्म के प्रदर्शन से ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हो सकती हैं.
इसे ध्यान में रखते हुए सभी ज़िला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि वे सिनेमाटोग्राफ़ क़ानून की धारा 13 के तहत दा विंची कोड के प्रदर्शन पर रोक लगाएँ.
इस कानून के तहत विधि व्यवस्था बिगड़ने की आशंका में किसी फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का अधिकार दिया गया है.
प्रेक्षकों के मुताबिक तमिलनाडु में इस फ़िल्म के विरोध में कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ है.
सिर्फ़ चर्च के कुछ नेताओं ने इस पर नाराज़गी जताई थी जो मुख्यमंत्री एम करूणानिधि के क़रीबी माने जाते हैं.
तमिलनाडु की कुल आबादी में ईसाई समुदाय का हिस्सा छह प्रतिशत है.
पाँच वर्षों के अंतराल के बाद जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके को हरा कर सत्ता में आए करूणानिधि कई मौकों पर अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने का वादा कर चुके हैं.
भारत में इस फ़िल्म के रिलीज़ पर कैथोलिक चर्च औऱ कुछ अन्य ईसाई संगठनों की आपत्ति के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने इसका विशेष प्रदर्शन करवाया था.
इसके बाद सेंसर बोर्ड ने दा विंची कोड के प्रदर्शन के दौरान फ़िल्म के कल्पनिक होने का घोषणापत्र दिखाने की शर्त के साथ एडल्ट प्रमाणपत्र देकर इसे रिलीज़ करने की अनुमति दे दी.
इसके बावज़ूद पंजाब, गोवा और नागालैंड की सरकार ने इसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी.