सोमवार, 29 मई, 2006 को 01:35 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित फ़िल्म समारोहों में गिने जानेवाले कान फ़िल्म समारोह में इस बार सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पाम डो पुरस्कार ब्रिटेन की फ़िल्म द विंड दैट शेक्स द बार्ली को मिला है.
इस फ़िल्म को सराहा तो काफ़ी जा रहा था लेकिन ये बाक़ी 19 फ़िल्मों को पछाड़कर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पाम डो पुरस्कार ले जाएगी, इसकी उम्मीद बहुतों को नहीं थी.
प्रतियोगिता में शामिल बीस में से पाँच फ़िल्मों का विषय युद्ध से जुड़ा था. पुरस्कृत की गई फ़िल्म द विंड दैट शेक्स द बार्ली 1920 के दशक में आयरलैंड के स्वतंत्रता संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है.
फ़िल्म दो भाइयों की कहानी कहती है जो आयरलैंड गणतंत्र के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.
फ़िल्म में ब्रिटेन की सरकार रिपब्लिकनों के सामने एक राजनीतिक संधि का प्रस्ताव रखती है जिससे रिपब्लिकन बँट जाते हैं और दोनों भाइयों में भी मतभेद हो जाते हैं.
उपलब्धि
फ़िल्म के निर्देशक केन लोच कहते हैं,'' ये एक ऐसी कहानी थी जिसे मैं 30 साल से और लेखक पॉल लेवर्टी भी कई सालों से कहना चाह रहे थे. आख़िरकार इसे सिनेमा के पर्दे पर उतार पाना हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.''
केन लोच ने साथ ही ये भी कहा कि उनकी फ़िल्म ब्रिटेन के औपनिवेशिक इतिहास को टक्कर देने का एक बहुत ही छोटा प्रयास है.
69 वर्षीय केन लोच को इससे पहले सात बार सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा चुका है लेकिन आठवीं बार वे पुरस्कार जीतने में
कामयाब हो ही गए.
इस वर्ष कान फ़िल्म समारोह में ख़ास बात ये रही कि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता-अभिनेत्री का पुरस्कार किसी कलाकार विशेष को न देकर पूरे समूह को दिया गया.
फ्रेंच-अल्जीरियाई निर्देशक जमील डेबूज़ की फ़िल्म डेज़ ऑफ़ ग्लोरी के सभी पुरूष कलाकारों को सर्वश्रेष्ठ अभिनय और स्पेन के निर्देशक पेड्रो अल्मोडोवार की फ़िल्म वॉल्वर की सभी महिला कलाकारों को सर्वश्रेष्ठ अभिनय का पुरस्कार दिया गया.