बुधवार, 17 मई, 2006 को 15:42 GMT तक के समाचार
भारत के सूचना प्रसारणमंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने बुधवार को कुछ कैथोलिक चर्च के प्रतिनिधियों के साथ विवादित फ़िल्म, द विंची कोड देखी लेकिन इसके प्रदर्शन के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है.
फ़िल्म देखने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुंशी ने कहा कि उन्होंने फ़िल्म देख ली है पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है.
मुंशी ने कहा, "मेरे साथ जिन लोगों ने फ़िल्म देखी है, वे कल तक इस फ़िल्म के बारे में अपनी राय मंत्रालय को भेज देंगे. इसके बाद हम अपनी रिपोर्ट सेंसर बोर्ड को भेज देंगे. सेंसर बोर्ड इस बारे में शुक्रवार तक अंतिम फ़ैसला करेगा."
यह पूछे जाने पर कि क्या वो ख़ुद फ़िल्म से संतुष्ट थे, उन्होंने कहा, "यदि इसे फ़िक्शन श्रेणी में रखा जाए तो मेरे हिसाब से फ़िल्म ठीक है."
इससे पहले दासमुंशी ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया था कि कैथोलिक चर्च के विचार जानने से पहले फ़िल्म को दिखाए जाने की अनुमति न दे.
सूचना प्रसारण मंत्री का कहना था कि लगभग 300 संगठनों ने उन्हें एक ज्ञापन भेजा है जिसमें उनसे फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले देखने की मांग की है.
दा विंची कोड
ग़ौरतलब है कि फ़िल्म 'दा विंची कोड' 19 मई को रिलीज़ होने वाली है और भारत में ही नहीं दुनिया भर में हज़ारों कैथोलिक इसका विरोध कर रहे हैं.
'दा विंची कोड' नाम की पुस्तक डैन ब्राउन ने लिखी है और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में इसकी लाखों प्रतियां बिकी हैं.
किताब के अनुसार ईसा मसीह के मैरी मैगडालेन नामक महिला से संबंध थे और उनके एक बच्चा भी था यानी ईसा मसीह के वंशज अभी ज़िंदा हैं.
रोमन कैथोलिक चर्च इस तर्क का विरोध करता रहा है और उसका कहना है कि ऐसा लिखना बिल्कुल ग़लत है और यह उनके धर्म पर आघात है.
भारत में क़रीब डेढ़ करोड़ से अधिक रोमन कैथोलिक रहते हैं जिनमें से पांच लाख मुंबई में हैं.