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मंगलवार, 16 मई, 2006 को 17:29 GMT तक के समाचार

'दा विंची कोड' का मामला उलझा

'दा विंची कोड' फ़िल्म के विरोध के कारण भारत में इसकी रिलीज़ का मामला उलझ गया है.

सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने घोषणा की है कि वो बुधवार को खुद इस फ़िल्म को देखेंगे और फ़िल्म के रिलीज़ करने के फ़ैसले से पहले कैथोलिक चर्च के प्रतिनिधियों से सलाह करेंगे.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, '' यदि किसी की भावनाओं को इससे ठेस पहुँचती है तो हम इसको दिखाए जाने की अनुमति नहीं देंगे.''

दासमुंशी ने कहा कि उन्होंने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया है कि कैथोलिक चर्च के विचार जानने से पहले फ़िल्म को दिखाए जाने की अनुमति न दे.

सूचना प्रसारण मंत्री का कहना था कि लगभग 300 संगठनों ने उन्हें एक ज्ञापन भेजा है जिसमें उनसे फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले देखने की मांग की है.

ईसाई बहुल राज्य गोवा की सरकार ने भी केंद्र सरकार से कहा है कि या तो आपत्तिजनक दृश्य सेंसर किए जाएँ या फिर फ़िल्म दिखाए जाने पर रोक लगाई जाए.

दूसरी ओर मुंबई में रोमन कैथोलिक फ़िल्म के विरोध में सड़कों पर उतर आए. कैथोलिक सेकुलर फोरम के महासचिव जोसेफ़ डायस ने फ़िल्म के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी हैं.

दा विंची कोड

ग़ौरतलब है कि फ़िल्म 'दा विंची कोड' 19 मई को रिलीज़ होने वाली है और भारत में ही नहीं दुनिया भर में हज़ारों कैथोलिक इसका विरोध कर रहे हैं.

'दा विंची कोड' नाम की पुस्तक डैन ब्राउन ने लिखी है और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में इसकी लाखों प्रतियां बिकी हैं.

किताब के अनुसार ईसा मसीह के मैरी मैगडालेन नामक महिला से संबंध थे और उनके एक बच्चा भी था यानी ईसा मसीह के वंशज अभी ज़िंदा हैं.

रोमन कैथोलिक चर्च इस तर्क का विरोध करता रहा है और उसका कहना है कि ऐसा लिखना बिल्कुल ग़लत है और यह उनके धर्म पर आघात है.

भारत में क़रीब डेढ़ करोड़ से अधिक रोमन कैथोलिक रहते हैं जिनमें से पांच लाख मुंबई में हैं.