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शुक्रवार, 12 मई, 2006 को 02:52 GMT तक के समाचार

'दा विंची कोड' का विरोध

भारत के मुंबई शहर के रोमन कैथोलिक 'दा विंची कोड' नामक फ़िल्म की रिलीज़ के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं.

'दा विंची कोड' नाम की यह फ़िल्म अगले हफ्ते रिलीज़ होने वाली है और दुनिया भर में हज़ारों कैथोलिक इसका विरोध कर रहे हैं.

मुंबई में भी सैकड़ों रोमन कैथोलिकों ने एक कान्वेंट स्कूल के बाहर धरना दिया है. उनका कहना है कि यह फ़िल्म उनके धर्म पर आघात करती है.

कैथोलिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर फ़िल्म की रिलीज़ को नहीं रोका गया तो वो उग्र प्रदर्शन कर सकते हैं.

कैथोलिक सेकुलर फोरम के महासचिव जोसेफ डायस ने बीबीसी से कहा कि अगर सरकारी ईसाई विरोधी फ़िल्मों के प्रदर्शन को नहीं रोकती तो सीएसएफ के कार्यकर्ता आमरण अनशन करेंगे.

डायस का कहना है कि इस विषय पर आई किताब को तो ईसाइयों ने बर्दाश्त कर लिया लेकिन ऑडियो विज़ुअल माध्यम के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

वो कहते हैं " आप एक धार्मिक व्यक्ति को कल्पना का रुप नहीं दे सकते हैं. लोग नाराज़ हैं और आप कह नहीं सकते कि फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद क्या होगा."

संगठन का कहना है कि उन्होंने इस फ़िल्म के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया है और राष्ट्रपति को इस मामले में विज्ञप्ति सौंपी जाएगी.

सीएसएफ ने एक और फ़िल्म '' ''टिकल माई फनी बोन'' पर भी पाबंदी लगाने की मांग की है. यह फ़िल्म एक ' सेक्सी नन ' पर बनाई गई है.

द विंची कोड

दा विंची कोड नाम की पुस्तक डैन ब्राउन ने लिखी है और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में इसकी लाखों प्रतियां बिकी हैं.

किताब के अनुसार ईसा मसीह के मैरी मैगडालेन नामक महिला से संबंध थे और उनके एक बच्चा भी था यानी ईसा मसीह के वंशज अभी ज़िंदा हैं.

रोमन कैथोलिक चर्च इस तर्क का विरोध करता रहा है और उनका कहना है कि ऐसा लिखना बिल्कुल ग़लत है और उनके धर्म पर आघात है.

भारत में क़रीब डेढ़ करोड़ से अधिक रोमन कैथोलिक रहते हैं जिनमें से पांच लाख मुंबई में हैं.

दा विंची कोड 19 मई को रिलीज़ होने वाली है.