गुरुवार, 27 अप्रैल, 2006 को 13:06 GMT तक के समाचार
डैन ब्राउन की मशहूर किताब 'दा विंची कोड' की लोकप्रियता पर किसी को कोई संदेह नहीं है. इस किताब की चार करोड़ से ज़्यादा प्रतियाँ बिक चुकी हैं और इसका 44 भाषाओं में अनुवाद भी किया जा चुका है.
जब कोई किताब इतनी लोकप्रिय हो तो उससे जुड़े मामले की सुनवाई करने वाले जज पर इसका असर कैसे नहीं होगा.
दरअसल 'दा विंची कोड' के लेखक डैन ब्राउन पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी रहस्यमय कथा के लिए समान विषय पर लिखी गई 'द होली ब्लड एंड द होली ग्रेल' नामक किताब से कथानक चुराए हैं.
मामला लंदन स्थित हाई कोर्ट तक पहुँच गया.
हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति पीटर स्मिथ की अदालत पर दूध का दूध, पानी का पानी करने की ज़िम्मेवारी थी.
न्यायमूर्ति ने फ़ैसला सुनाया डैन ब्राउन के पक्ष में और उन्हें साहित्यिक चोरी के आरोप से बरी कर दिया.
लेकिन मामला कूट संदेशों वाली किताब का ठहरा, शायद इसलिए जज साहब ने सोचा कि सीधा-सपाट फ़ैसला क्यों लिखा जाए.
न्यायमूर्ति स्मिथ ने अपना फ़ैसला तो दोटूक दिया, लेकिन 71 पेजों के फ़ैसले में एक गुप्त संदेश भी छुपा दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने इस गुप्त संदेश के बारे में कहीं कोई ज़िक्र भी नहीं किया.
तिरछे अक्षर
फ़ैसला हुआ सात अप्रैल को, लेकिन अब बात खुली है.
दरअसल 'दा विंची कोड' पर हाई कोर्ट के फ़ैसले में कुछ शब्दों के अक्षर इटैलिक्स या तिरछी टाइप में हैं.
पहले सात पैराग्राफ़ के इन तिरछे अक्षरों को एक साथ रखने से बनता है- स्मिथी कोड. मतलब न्यायमूर्ति स्मिथ का कोड. आगे के पृष्ठों पर इस तरह के कई तिरछे अक्षर हैं.
सबसे पहले कुछ वकीलों ने फ़ैसले में तिरछे अक्षरों को नोटिस किया. कुछ ने तो इसे टाइपो की ग़लती मानी, लेकिन कुछ को संदेह हुआ कि यह न्यायमूर्ति स्मिथ की कोई शरारत हो सकती है.
अब न्यायमूर्ति स्मिथ ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने अपने फ़ैसले में एक कोड छुपाया है. उनके अनुसार उन्होंने ये कोड कॉपीराइट उल्लंघन को लेकर उनकी अदालत में आए मामले से जुड़े दोनों किताबों से लिए हैं.
उन्होंने कहा कि भले ही वो अपने फ़ैसले पर बात नहीं कर सकते हों, लेकिन उनके किसी फ़ैसले में मनोरंजन का भी तत्व रहे तो क्या बुरा है!
न्यायमूर्ति स्मिथ ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति स्मिथी कोड को तोड़ता है तो वह इसकी पुष्टि ज़रूर करेंगे.