गुरुवार, 20 अप्रैल, 2006 को 09:56 GMT तक के समाचार
वेदिका त्रिपाठी
मुंबई से
क़रीब दस साल पहले भारत में अपना हिट एलबम दे चुके अपाचे इंडियन ने अपने एलबम ‘टाइम फॉर चेंज’ से एक बार फिर भारत में वापसी की है जिसे भप्पी लाहड़ी के संगीत पर फिल्म ‘ब्लैकमेलर’ में भी सुना जा सकेगा.
वर्षों बाद भारत में संगीत वापसी की वजह पूछने पर अपाचे कहते हैं, “1990 से ही मैं थोडा व्यस्त हो गया था. इस दौरान मैंने दुनिया भर में बहुत सी चीज़ें की जिनमें रागा रिलीज करना भी शामिल है जो बहुत ही कामयाब भी रहा.
अपने एलबम ‘टाइम फॉर चेंज’ के एक गाने को ‘कजरा रे….’ से ज़्यादा मशहूर हुई पॉप मल्लिका अलीशा चिनॉय के साथ रिकॉर्ड करने फ़िलहाल भारत आए हुए हैं.
लेकिन हाँ, इनका भारत में बसने का बिल्कुल भी विचार नहीं है. अपाचे कहते हैं, “मैं वापिस भारत आने के बारे में तब तक कुछ नहीं कह सकता, जब तक यहाँ की कोई बहुत ही ठोस चीज़ मुझे अपनी तरफ़ नहीं खींचती”.
अपाचे फिल्म ‘ब्लैकमेलर’ के बारे में कहते हैं, “जहाँ तक ‘ब्लैकमेलर’ की बात है तो इसकी कहानी मुझे यहाँ खींच लाई.”
‘टाइम फॉर चेंज’ के भारतीय एलबम में अलीशा चिनॉय के साथ इनका एक ख़ास रीमिक्स भी है. यूरोप में रिलीज के समय भी अलीशा ने ही इस एलबम के लिए गाने रिकॉर्ड किए थे.
अपाचे ने अलीशा के साथ ही गाना क्यों पसंद किया, यह पूछने पर वह कहते हैं, “अलीशा बहुत ही परिपक्व गायक हैं. मैं उन्हें बहुत दिनों से जानता हूँ. सही समय पर सही चीज़ और सही कलाकार का चुनाव करना बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है और अलीशा को पता है कि संगीत के ज़रिए उनसे क्या मांगा जा रहा है.”
कपूर उर्फ़ अपाचे
स्टीवन कपूर उर्फ़ अपाचे इंडियन ने 14 साल की छोटी उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था. इनका हर गाना किसी मक़सद या संदेश से परिपूर्ण होता है और शायद यही इनकी सफलता का सबसे बडा कारण है.
राजनीति, समाज और ज़िंदगी की तमाम ज़रूरतें किस तरह से समय – समय पर बदलती हैं, यही इनके नए एलबम ‘टाइम फॉर चेंज’ में बताने की कोशिश की गई है.
अपने इस एलबम को लेकर अपाचे बहुत ही उत्साहित हैं. अपाचे के अनुसार, “भारत मेरे लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है और इसीलिए मुझे यहाँ के सुननेवालों को कुछ ऐसा देना था जो सचमुच ख़ास हो.”
“इसमें संगीत का हर रंग है फिर चाहे वह भांगड़ा, राग या फिर अंग्रेज़ी, हिंदी और पंजाबी के बोल हो.”
“मेरा यह एलबम अमरीका, जमैका, ब्रिटेन और कनाडा में श्रोताओं की वाहवाही बटोर रहा है. साल 2005 में जर्मनी के संगीत विश्लेषकों ने इसे ‘बेस्ट न्यू वर्ल्ड म्यूजिक एलबम’ के लिए नामांकित भी किया है.”
सैकडों गाने लिख चुके अपाचे अपने गाने ख़ुद ही लिखते हैं. लिखते समय इनके मन में विषय को लेकर मारामारी ज़रूर चलती रहती है कि आख़िर अगला विषय कौन सा होगा.
बिना किसी रुकावट के अपने सपने और विचार गाने में पिरोकर पेश करना इनकी ख़ूबी मानी जाती है. परंपरागत शादी-विवाह यानी अरेंज मैरिज, जाति-धर्म को लेकर भेदभाव, एड्स, नशा, युद्ध, अपराध जैसे अनेक विषयों पर ये अपने विचार पेश कर चुके हैं.
“किसी ख़ास विषय को लेकर लिखना और फिर उसे संगीत के ज़रिए लोगों तक पहुँचाना मुझे बहुत अच्छा लगता है.”
बॉलीवुड पर वेस्टर्न संगीत और फिल्म के प्रभाव पर इनका कहना है, “हिप-हैप और रागा में भारतीय संगीत के सुरों को आप सुन सकते हैं. आज बॉलीवुड में क्वांटिटी ज़्यादा और क्वालिटी कम हो गई है. मैंने भी हाल ही में ऋषि कपूर के साथ ब्रिटेन में फिल्म ‘डोंट स्टॉप ड्रीमिंग’ में काम किया.”