गुरुवार, 30 मार्च, 2006 को 16:25 GMT तक के समाचार
बिहार के वैशाली ज़िले में सिर्फ़ पचास रूपए की लागत से शुरू हुए एफएम रेडियो स्टेशन 'मंसूरपुर-वन' की आवाज़ सरकारी आदेश के बाद बंद हो गई है.
इसकी वजह ये है कि इसे चलाने वाले राघव महतो के पास ज़रूरी लाइसेंस नहीं था.
फ़िल्मी गाने और लोकरूचि समाचार प्रसारित करने वाला यह एफएम स्टेशन मंसूरपुर गाँव के हज़ारों लोगों में बहुत लोकप्रिय था.
फ़रवरी में बीबीसी से बातचीत में रेडियो मंसूरपुर-वन चलाने वाले राघव महतो ने कहा था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि एफएम रेडियो चलाने के लिए लाइसेंस लेना होता है.
मीडिया संगठन रिपोर्टर्स विददाउट बोर्डर्स ने बताया है कि पिछले सप्ताह अधिकारियों ने राघव महतो के स्टेशन को बंद कर दिया.
संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "रेडियो स्टेशन के एकमात्र कर्ताधर्ता राघव महतो के ख़िलाफ़ पुलिस ने शिकायत दर्ज की इसके बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने उनका उपकरण ज़ब्त कर लिया."
संगठन ने सरकार के निर्णय की आलोचना की है और कहा है कि "इस तरह के सामुदायिक रेडियो स्टेशन को बंद करना सरकार की असहिष्णुता को दिखाता है."
भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि देश में सिर्फ़ 16 शिक्षण संस्थानों को सामुदायिक रेजडियो स्टेशन चलाने की अनुमति दी गई है.
रेडियो मैकेनिक राघव महतो ने सिर्फ़ पचास रूपए की लगात से ख़ुद ही एफएम रेडियो स्टेशन शुरू किया था.